यूपी बजट 2026-27 विकासोन्मुखी और उद्योग हितैषी : आईआईए
एमएसएमई, युवाओं व पारंपरिक उद्योगों को मिला विशेष प्रोत्साह


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने विकासोन्मुखी एवं उद्योग हितैषी बताया है। 11 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानसभा में पेश किए गए 9,12,696.35 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक बजट पर आईआईए पदाधिकारियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।
चैप्टर चेयरमैन गौरव चोपड़ा ने बताया कि एमएसएमई सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र के लिए 5,041 करोड़ रुपये तथा 30,000 नए रोजगार सृजन का लक्ष्य पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एवं इंडस्ट्रियल जोन के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रस्ताव औद्योगिक आधारभूत संरचना को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना हेतु 225 करोड़ रुपये का प्रावधान युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रमोद सडाना ने कहा कि बजट में एमएसएमई के तकनीकी उन्नयन, उत्पादन क्षमता विस्तार और आधुनिक मशीनरी अपनाने के लिए विशेष सहायता का प्रावधान है। आसान ऋण सुविधा, ब्याज सहायता योजनाओं को सुदृढ़ करने तथा वित्तीय संस्थानों से बेहतर समन्वय के प्रयासों से नए उद्यमों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.के. धवन ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान युवाओं को “रोजगार खोजने वाला” नहीं बल्कि “रोजगार देने वाला” बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रति वर्ष एक लाख सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य स्वरोजगार को नई गति देगा।
पूर्व चैप्टर चेयरमैन अशोक गांधी ने बताया कि ‘एक जनपद एक उत्पाद (ODOP)’ की सफलता के बाद ‘एक जनपद एक व्यंजन (ODOV)’ के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान स्थानीय व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाने की अभिनव पहल है। साथ ही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी उपलब्ध कराने का निर्णय सूक्ष्म उद्यमियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। महिला सशक्तिकरण, छात्राओं के प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है।
कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र मोहन कालरा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में किसानों की आय वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं प्रस्तावित हैं। शिक्षा क्षेत्र में विद्यालयों के उन्नयन, उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना तथा डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहन दिया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु अस्पतालों के विस्तार, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और नए मेडिकल कॉलेजों के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष राजकुमार अरोड़ा, संजय कपूर, विनय दहूजा, विकास मलिक, रक्षिता पंडित सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।











