यूपी बजट 2026-27 किसान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश विरोधी : भगत सिंह वर्मा
गन्ना किसानों के लिए विशेष प्रावधान न होने पर जताई नाराजगी


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 को लेकर भारतीय किसान यूनियन (वर्मा) एवं पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों, गरीबों, युवाओं और विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अनदेखी करता है।
बुधवार को जारी बयान में भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है, लेकिन बजट में कृषि विकास के लिए मात्र एक प्रतिशत की व्यवस्था की गई है, जो ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी गांव और खेती पर निर्भर है, ऐसे में बजट का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा गांव, कृषि और किसान के लिए आवंटित किया जाना चाहिए था।
उन्होंने विशेष रूप से गन्ना किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को गन्ना किसानों के खातों में सीधे कम से कम 100 रुपये प्रति कुंतल की सहायता राशि देने का प्रावधान करना चाहिए था। गन्ना प्रदेश की आर्थिक रीढ़ है और सरकार को प्रतिवर्ष गन्ने पर एक्साइज ड्यूटी के रूप में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये तथा गन्ने से बने उत्पादों पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त होता है।
भगत सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि बजट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए भी नाममात्र की व्यवस्था की गई है, जबकि यह क्षेत्र प्रदेश सरकार को लगभग 80 प्रतिशत राजस्व देता है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े बजटीय प्रावधान की आवश्यकता थी, जो इस बजट में नजर नहीं आते।
उन्होंने कहा कि यह बजट किसान, गरीब और युवा विरोधी होने के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उपेक्षा दर्शाता है।











