रविदास जयंती रोकने का हिंदू जागरण मंच ने किया विरोध
संत गुरु रविदास संपूर्ण हिंदू समाज के गुरु, शोभायात्रा पर रोक अनुचित – ठाकुर सूर्यकांत सिंह


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। हिंदू जागरण मंच पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ठाकुर सूर्यकांत सिंह ने एक प्रेस बयान जारी कर बेहट तहसील के पिठौरी एवं सहारनपुर तहसील के खतौली गांवों में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जयंती पर आयोजित होने वाली शोभायात्रा को रोके जाने का कड़ा विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि हिंदू जागरण मंच पश्चिम उत्तर प्रदेश का स्पष्ट मत है कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज संपूर्ण हिंदू समाज के गुरु हैं। उनकी जयंती पर निकलने वाली शोभायात्रा कोई नई परंपरा नहीं, बल्कि दशहरा, होली और दीपावली जैसे परंपरागत पर्वों के समान है। इसे नई परंपरा बताना पूरी तरह अनुचित और असंवैधानिक है।
ठाकुर सूर्यकांत सिंह ने कहा कि शास्त्रों में भी संतों की महिमा का वर्णन किया गया है—
“संतन के मन होत है, सब के हित की बात।
घट-घट देखें अलख को, पूछे जात न पात।”
उन्होंने कहा कि चाहे अन्याय शासन द्वारा हो, प्रशासन द्वारा हो या किसी भी मुगलिया सोच से प्रेरित हो, हिंदू समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा। आज़ादी के 78 वर्षों बाद भी यदि समाज अपने महापुरुषों, संतों और गुरुओं के सम्मान में धार्मिक कार्यक्रम और शोभायात्रा नहीं निकाल सकता, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा कि हम आधुनिक युग में रह रहे हैं। जिन्हें हिंदू पर्वों और संतों की जयंती मनाए जाने से आपत्ति है, उनके लिए अन्य विकल्प मौजूद हैं, लेकिन भारत भूमि संतों की भूमि रही है। संत रविदास महाराज समन्वयवादी विचारधारा के प्रतीक थे, जिन्होंने कहा—
“रैदास हमारो साईंया राघव राम रहीम।
सबै राम का रूप हैं, केशव कृष्ण करीम।”
हिंदू जागरण मंच अध्यक्ष ने कहा कि देश अब किसी का गुलाम नहीं है। लोकतंत्र में सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं। जब भी जागो, तभी सवेरा। हिंदू समाज किसी भी प्रकार की तानाशाही को कतई सहन नहीं करेगा।

















