सहारनपुर

जिला मुख्यालय पर गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री, नारेबाजी कर किया प्रदर्शन

मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर की समस्याओं के समाधान की मांग

 

शहरी चौपाल ब्यूरो 
सहारनपुर। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा एवं अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा के बैनर तले जनपद  की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं कर्मचारी आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हकीकत नगर स्थित धरना स्थल पर एकत्रित हुई तथा नारेबाजी के बीच जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त मोर्चा की सचिव प्रतिभा त्यागी एवं जिलाध्यक्ष संजुली शर्मा  के नेतृत्व में जुलूस के रूप में नारेबाजी करती हुई जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची जहां उन्होंने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।  इस अवसर पर संगठन की सचिव प्रतिभा त्यागी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां विगत 50 सालों से महिला एवं बाल विकास विभाग में समर्पित भाव से काम कर रही हैं जिसके बदले में उन्हें केवल 6 हजार रूपए मानदेय मिल रहा है जो नाकाफी है। उन्होंने कहा कि अब उन्होंने मानदेय के स्थान पर 24 हजार रूपए प्रतिमाह वेतन दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो आगामी 8 वे कार्य बहिष्कार कर कलमबंद हड़ताल कर देगी। जिलाध्यक्ष संजुली शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए उन्हें वेतनमान, भविष्यनिधि, पेंशन, गे्रच्युटी, महंगाई भत्ता आदि दिया जानए तथा सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष की जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में सचिव प्रतिभा त्यागी एवं जिलाध्यक्ष संजुली शर्मा के अलावा भावना त्यागी, सुंदरी देवी, सरिता, लोकेश, ममता राणा, प्रीती त्यागी, मंजू, संतलेश, वर्षा, रेखा सहित भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रही। अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा महासभा की जिलाध्यक्ष पूनम शर्मा एवं संरक्षक नरेंद्र दत्त शर्मा के नेतृत्व में भी ज्ञापन सौंपकर मांगों का अविलम्ब समाधान किए जाने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं विगत कई दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की रीढ़ बनकर पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण एवं मातृ-शिशु देखभाल जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का सफल संचालन कर रही हैं, बावजूद इसके आज तक उन्हें पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा एवं वैधानिक सुविधाएं प्राप्त नहीं हुई हैं। महासभा ने चेतावनी दी कि यदि अप्रैल 2026 तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो पोषण ट्रैकर सहित समस्त ऑनलाइन कार्य पूर्णतः बंद कर दिए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान कमला, रोना देवी, लता, प्रनम शर्मा, ललिता, राघरा पति, रूपा, कमलेश, अनुपमा, उषा रानी, रेखा, कनिता, डोली, उमागनी, पुष्पा देवी, शहनाज, उदेश देवी, ममता, इंदो आदि मौजूद रही।

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