यूजीसी विनियमन 2026 निरस्त करने की मांग, हिंदू राष्ट्र निर्माण संघ ने सौंपा राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। हिंदू राष्ट्र निर्माण संघ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट दुष्यंत राणा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) विनियमन 2026 के विरोध में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया तथा राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर इस काले कानून को निरस्त कराए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट दुष्यंत राणा ने कहा कि यूजीसी का यह विनियमन हिंदू समाज को आपस में बांटने वाला है और इससे शिक्षण संस्थानों में जातिगत विद्वेष बढ़ेगा, जो देश की एकता और अखंडता के लिए घातक सिद्ध होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो हिंदू समाज को तोड़ने का प्रयास करेगा, उसे सत्ता छोड़नी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी ने हिंदुत्व के एजेंडे के साथ सत्ता प्राप्त की थी, लेकिन आज इसी प्रकार के काले कानूनों के माध्यम से हिंदू समाज को विभाजित किया जा रहा है, जिसे संगठन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। संघ के जिला अध्यक्ष सचिन चैधरी ने कहा कि यूजीसी विनियमन 2026 के दुष्परिणामों से हिंदू समाज विभाजित होगा, जिससे भारत की सामाजिक समरसता और अखंडता प्रभावित होगी। उन्होंने आशंका जताई कि इस नियम का दुरुपयोग कर समाज में जातीय संघर्ष को बढ़ावा दिया जा सकता है। जिला उपाध्यक्ष ठाकुर राकेश सिंह ने कहा कि किसी भी छात्र के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए, लेकिन यह नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के उत्पीड़न का हथियार बन सकता है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 पहले से ही समानता का अधिकार प्रदान करते हैं, ऐसे में अतिरिक्त जांच समितियों की कोई आवश्यकता नहीं है। महानगर अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि किसी भी छात्र के साथ उत्पीड़न हो, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन जाति के आधार पर छात्रों को बांटना देश के लिए घातक सिद्ध होगा। उन्होंने आंदोलन को आगे और तेज करने की चेतावनी भी दी। वहीं जिला महामंत्री पार्थ राणा ने कहा कि यदि न्ळब् विनियमन 2026 को शीघ्र निरस्त नहीं किया गया, तो संगठन को सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में सर्वेश कुमार (मास्टर जी), जिला मंत्री अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद रुद्रा मिश्रा, अजय प्रजापति, राहुल पुंडीर (रणखंडी), जसवंत राणा, विक्की उपाध्याय, राहुल कश्यप, शिव गुप्ता, भारत गुप्ता, हनी शर्मा, अजय कुमार, विशाल देव शर्मा, अनुज सैनी, रविकांत शर्मा, आकाश सैनी, लोकेश राणा, अंकित सैनी, शशांक चैहान, संजीव सैनी, अभिनव ठाकुर, अर्जुन, निशांत कुमार, बादशाह सैनी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

















