केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले व्यापारी संगठनों ने रखी मांगों की लंबी सूची
वित्त मंत्री को भेजा गया ज्ञापन, पेट्रोल-डीजल सस्ता करने से लेकर व्यापारी पेंशन तक की मांग


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर।आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (पंजीकृत) की जिला इकाई सहारनपुर ने केंद्र सरकार के समक्ष व्यापारियों की समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया है। संगठन ने भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ई-मेल के माध्यम से एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर व्यापार, उद्योग और आम जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण सुझावों पर अमल करने की मांग की है।
ज्ञापन में जिला इकाई के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा पिछले वर्ष आयकर में छूट और कई वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती किए जाने के लिए व्यापार मंडल आभार व्यक्त करता है, लेकिन वर्तमान समय में महंगाई, जटिल जीएसटी प्रणाली और ईंधन के ऊंचे दाम व्यापारियों व आम जनता के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
व्यापार मंडल ने पेट्रोल व डीजल की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दामों में आई गिरावट के अनुरूप कम से कम 20 प्रतिशत कटौती की मांग की है। इसके साथ ही जीएसटी को सरल बनाते हुए केवल तीन दरें निर्धारित करने, छोटे व्यापारियों के लिए त्रैमासिक रिटर्न की सुविधा देने और जीएसटी ब्याज दरों में समानता लाने का सुझाव दिया गया है।
ज्ञापन में पांच करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों को मेडिकल बीमा, युवाओं को नए उद्योग लगाने पर आयकर में छूट, मुद्रा लोन प्रक्रिया के सरलीकरण, देशभर में एक समान बिजली दर और नकद लेन-देन की सीमा बढ़ाने की मांग भी शामिल है। इसके अलावा बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी समाप्त करने, व्यापारी पेंशन योजना लागू करने और आयकर अधिनियम की धारा 43बी (एच) में किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शीतल टंडन, जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा और जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा ने कहा कि व्यापारी वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उसके हितों की अनदेखी से समग्र विकास प्रभावित होता है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि बजट में व्यापारियों की इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए ठोस निर्णय लिए जाएं।
ज्ञापन में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और व्यापारी नेता भी शामिल रहे। व्यापार मंडल ने एक स्वर में नारा दिया—“जय उद्योग, जय व्यापार, कौम पार्टी कोई भी हो पहले हम व्यापारी हैं।”

















