चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज ने हर्षोल्लास के साथ मनाया 77वां गणतंत्र दिवस
तिरंगा फहराकर संविधान और राष्ट्रभक्ति का दिया संदेश


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज द्वारा भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था के अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी एवं उपस्थित पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से तिरंगा फहराया। इसके पश्चात राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी गई।
इस अवसर पर अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी ने सभी सदस्यों एवं देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए अनुशासन आवश्यक है, जो नियमों के पालन से ही संभव होता है। उन्होंने कहा कि सभी नियमों का समुच्चय ही संविधान होता है और भारत का संविधान डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किया गया, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इस राष्ट्रीय पर्व को दीपावली, होली और ईद की तरह उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए महासचिव अमित चौधरी ने कहा कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जो हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है।
संस्था के संरक्षक अमर गुप्ता एवं हेमंत अरोड़ा ने संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रभक्ति की भावना आवश्यक बताई। वहीं चेयरमैन एच.एस. चड्ढा एवं महासचिव अमित चौधरी ने “ए मेरे वतन के लोगों…” गीत प्रस्तुत कर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर प्रतीक मिगलानी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए, समय पर कर अदा करना चाहिए, शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर जीवन में उतारना चाहिए और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में निशा शर्मा ने देशभक्ति से ओतप्रोत शेरो-शायरी प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश माहेश्वरी, कोषाध्यक्ष विजय वशिष्ठ एवं चीफ को-ऑर्डिनेटर संजय गुप्ता ने भी सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में रविंद्र कालड़ा, आई.पी. त्यागी, पुनीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में संस्था के सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने अपने-अपने विचार व्यक्त कर संविधान और राष्ट्र के प्रति निष्ठा व्यक्त की।

















