संविधान की प्रस्तावना को जीवन में उतारने का आह्वान, नगर निगम में हर्षोल्लास से मना 77वां गणतंत्र दिवस


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। नगर निगम सहारनपुर में आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। निगम परिसर में तिरंगी छटा के बीच महापौर डॉ. अजय कुमार एवं नगरायुक्त शिपू गिरि ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर नगर निगम के लेखाकार, ज्येष्ठ लेखा परीक्षक, अवर अभियंता, लिपिक, कर्मचारी एवं सफाई मित्रों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में रायवाला स्थित पद्मश्री कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर स्मृति उद्यान में भी महापौर एवं नगरायुक्त द्वारा ध्वजारोहण किया गया। समारोह के दौरान राष्ट्रगान प्रस्तुत करने वाले स्कूली बच्चों को भी पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए महापौर डॉ. अजय कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान हमें स्वतंत्रता, न्याय और अधिकार प्रदान करता है, साथ ही हमारे कर्तव्यों का भी बोध कराता है। उन्होंने कहा कि यदि हम राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन नहीं करेंगे, तो देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि संविधान की प्रस्तावना “हम भारत के लोग…” को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में अंगीकार करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम महानगर के विकास कार्यों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाते हुए नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
नगरायुक्त शिपू गिरि ने भी गणतंत्र दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें केवल अपने अधिकारों की ही नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों की भी ईमानदारी से जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य अभियंता निर्माण सुरेश चंद, उपसभापति मयंक गर्ग, पार्षद मुकेश गक्खड़, राजू सिंह, सुभाष चंद, दीपक रहेजा, पार्षद प्रतिनिधि राकेश कल्याण एवं सईद सिद्दीकी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में अपर नगरायुक्त प्रदीप यादव एवं मृत्युंजय, महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार, सहायक नगरायुक्त जेपी यादव एवं विकास धर दुबे, लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी, मुख्य नगर लेखा परीक्षक सच्चिदानंद त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वीरेन्द्र आजम ने किया।

















