विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026: नोटिस पर सुनवाई प्रक्रिया हुई सरल, ऑनलाइन जवाब की सुविधा उपलब्ध


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन के उपरान्त गणना चरण के दौरान जिन मतदाताओं की मैपिंग विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सकी है, ऐसे मतदाताओं को क्रमबद्ध रूप से नोटिस जारी करने की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है। जनपद में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा विहित प्रक्रिया के अनुसार जारी नोटिसों पर सुनवाई की जा रही है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के उद्देश्य “कोई मतदाता न छूटे” के अनुरूप तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम-18 के अंतर्गत पुनरीक्षण प्रक्रिया को सरल, सुलभ एवं समावेशी बनाने के लिए मतदाताओं को सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दी गई है। जो मतदाता किसी कारणवश स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते, वे लिखित रूप में हस्ताक्षर अथवा अंगूठे का निशान लगाकर किसी व्यक्ति को अधिकृत कर सकते हैं, जो उनकी ओर से सुनवाई में उपस्थित होकर प्रतिनिधित्व करेगा।
उन्होंने बताया कि मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन कर नोटिस से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा ऑनलाइन माध्यम से नोटिस का जवाब देने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा भी मतदाताओं को नोटिस उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ऑनलाइन प्रक्रिया के अंतर्गत वेबसाइट पर लॉगिन कर SIR 2026 में “Submit documents against notice issue” विकल्प पर क्लिक करने के बाद वोटर आईडी नंबर दर्ज करने पर यह जानकारी प्राप्त हो जाएगी कि संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया गया है या नहीं। यदि नोटिस जारी हुआ है तो नए पेज पर ईपिक संख्या अथवा नोटिस संख्या भरकर निर्धारित अभिलेख अपलोड किए जा सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं का जन्म 01 जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है, उन्हें केवल स्वयं से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। जिन मतदाताओं का जन्म 01 जुलाई 1987 के बाद और 02 दिसंबर 2004 के मध्य हुआ है, उन्हें स्वयं के साथ अपने माता या पिता में से किसी एक के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। वहीं जिन मतदाताओं का जन्म 02 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है, उन्हें स्वयं के साथ-साथ माता एवं पिता दोनों के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
नोटिस के उत्तर में मतदाता स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि के माध्यम से जन्मतिथि एवं अथवा जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अभिलेखों में से कोई एक अभिलेख प्रस्तुत कर सकते हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाने में पूर्ण सहयोग प्रदान करें।










