गिल कॉलोनी में अवैध होटल-जिम निर्माण पर बवाल, एसडीए की लापरवाही से परेशान क्षेत्रवासी पहुंचे कमिश्नर कार्यालय


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। वार्ड संख्या 37 की पॉश मानी जाने वाली गिल कॉलोनी में सहारनपुर विकास प्राधिकरण (एसडीए) की कथित लापरवाही और मिलीभगत से अवैध व्यावसायिक भवनों का निर्माण धड़ल्ले से किए जाने का मामला सामने आया है। होटल, जिम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण कॉलोनीवासियों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी को लेकर स्थानीय पार्षद और क्षेत्रवासी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
स्थानीय पार्षद गौरव कपिल ने एसडीए चेयरमैन को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि गली नंबर-2 में होटल ग्रैंड प्लाजा, जिम तथा रोडवेज वर्कशॉप के पास बने कई भवनों में न तो पार्किंग की व्यवस्था है, न साइड बैंक छोड़ा गया है और न ही अग्निशमन विभाग से एनओसी ली गई है। कई भवनों में बने बेसमेंट पानी से भरे हुए हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि होटलों और व्यावसायिक गतिविधियों के चलते अवैध पार्किंग, झगड़े, गंदगी और शराब पीने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ब्लिंकिट जैसे प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। आर्य कन्या विद्यालय और मंदिर के आसपास महिलाओं और छात्राओं को असुरक्षा महसूस हो रही है, जिसके चलते उन्हें रास्ता तक बदलना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि यदि किसी भवन में आग लगती है तो संकरी गलियों और अवैध पार्किंग के कारण फायर ब्रिगेड का मौके तक पहुंचना बेहद मुश्किल होगा, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
इस मामले में पार्षद गौरव कपिल ने एसडीए पर भ्रष्टाचार और राजस्व चोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए सभी भवनों के नक्शों, जमा की गई फीस और स्वीकृतियों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्रवासी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
गिल कॉलोनी संगठन के सचिव और अधिवक्ता राजेश कपूर ने भी एसडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियमों को ताक पर रखकर व्यावसायिक निर्माण कराए जा रहे हैं, जिससे कॉलोनी की शांति और सुरक्षा दोनों खतरे में पड़ गई हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई कर अवैध निर्माणों पर रोक लगे ।









