देवबंद में दलित किशोर को असामाजिक तत्वों ने घेर कर पीटा, सोशल मीडिया पर की वीडियो वायरल
नशे का सौदागर बताकर दलित किशोर की की गई पिटाई जांच में दलित किशोर की जेल से निकले सौ रुपए और मोबाइल फोन


शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद। असामाजिक तत्वों द्वारा देवबंद में दलित किशोर की बेरहमी से पिटाई का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि पुलिस ने बिना मामले की जांच किए ही पीड़ित दलित किशोर का ही चालान कर दिया। दलित किशोर के साथ पुलिस पर भी मारपीट के आरोप लगे हैं। घटना के बाद हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी है।
देवबंद के मोहल्ला रविदास मार्ग निवासी 17 वर्षीय किशोर देवबंद में देर शाम घर से घूमने निकला था। इसी दौरान जब वह मोहल्ला किला के समीप पहुंचा तो देवबंद के तथाकथित स्वयंभू पत्रकार और पांच लोगों ने उसको पकड़ प्लास्टिक के पाइप से पिटाई शुरू कर दी। आरोप लगाया गया कि दलित किशोर मोहल्ले में नशे का सामान बेच रहा था, जबकि दलित किशोर के पास से जेब से महज सौ रुपए और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ था। इसके बावजूद भी उसकी पिटाई की गई और अपमानित किया गया। इतना ही नहीं तथाकथित स्वयंभू पत्रकार ने बिना अधिकारी के वर्जन के ही सोशल मीडिया पर खबर भी चला दी। खबर चलाने में भी मीडिया आचार संहिता का जमकर उल्लंघन हुआ। मीडिया आचार संहिता के मुताबिक किसी भी नाबालिग किशोर की चाहे वह अपराधी ही क्यों ना हो फोटो नहीं दिखाई जा सकती। लेकिन जिस प्रकार से फोटो ही नहीं नाबालिग दलित किशोर की वीडियो तक वायरल की गई। वायरल वीडियो के बाद दलित किशोर का परिवार गहरे सदमे में है और समाज में अपने आप को अपमानित महसूस कर रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि स्थानीय पुलिस ने बिना जांच किए ही आरोपी दलित किशोर का चालान कर दिया। आरोप है कि थाने के ही एक सब इंस्पेक्टर ने दलित किशोर की पिटाई भी की। पूरा मामला अब मीडिया की सुर्खियां बटोर रहा है तो वहीं हिंदू संगठन भी पूरे मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।
राष्ट्रीय बजरंग दल के नेता हिमांशु मिश्रा ने कहा कि दलित उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ तहरीर दी जाएगी। अगर दलित किशोर की कुछ गलती थी तो उसको कानून के मुताबिक पुलिस को दे देना चाहिए था। लेकिन जिस प्रकार से मोब लिंचिंग की गई घेरकर पीटा गया इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले पर स्थानीय पुलिस के अधिकारी चुप हैं कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार की ओर से शिकायत पत्र मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। पुलिस पर मारपीट के जो आरोप लग रहे हैं वह बेबुनियाद व निराधार है।
वायरल वीडियो के बाद घर से निकलना हुआ मुश्किल : दलित किशोर
पीड़ित दलित किशोर ने बताया कि वह घर से घूमने के लिए निकला था। कुछ लोगों ने रास्ते में घेर कर पिटाई की। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल की। अब समाज में बेइज्जत हो रही है। पुलिस से इंसाफ और कार्रवाई की मांग करता हूं।








