सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन चुनाव में बड़ा उलटफेर, अध्यक्ष पद पर बीएसपी गुट बरकरार, महासचिव व कोषाध्यक्ष पर गठबंधन का कब्जा


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव में इस वर्ष रोचक और चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। अध्यक्ष पद पर जहां ठाकुर बिशंबर सिंह पुंडीर (बीएसपी) गुट ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज कर अपना दबदबा कायम रखा, वहीं प्रगतिशील अधिवक्ता मंच और जागरूक अधिवक्ता मंच के गठबंधन ने महासचिव और कोषाध्यक्ष जैसे अहम पदों पर कब्जा कर चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल दिए।
शनिवार सुबह नौ बजे से शुरू हुई मतगणना के बाद घोषित परिणामों में कुल 11 पदों में से छह पर बीएसपी गुट और पांच पर गठबंधन प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। परिणामों ने तमाम पूर्व कयासों को गलत साबित कर दिया और एसोसिएशन में ‘मिली-जुली सरकार’ का रास्ता साफ किया।
अध्यक्ष पद पर बीएसपी गुट के राहुल त्यागी ने 913 मत प्राप्त कर गठबंधन प्रत्याशी रविश कुमार माहेश्वरी को 176 मतों से पराजित किया। रविश कुमार को 737 मत मिले।
महासचिव पद पर गठबंधन प्रत्याशी पालम राणा ने शानदार जीत दर्ज करते हुए 954 मत हासिल किए, जबकि बीएसपी गुट के सतेंद्र वर्मा को 689 मतों पर संतोष करना पड़ा।
कोषाध्यक्ष पद पर भी मुकाबला बेहद कड़ा रहा, जिसमें गठबंधन प्रत्याशी गौरव दीक्षित ने 843 मत प्राप्त कर बीएसपी गुट के यशपाल सिंह (797 मत) को पीछे छोड़ दिया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर गठबंधन प्रत्याशी रेखा रानी ने 816 मत प्राप्त कर बीएसपी गुट के भोपाल सिंह पुंडीर (784 मत) को हराया।
कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर बीएसपी गुट के सौरभ जैन ने 817 मत प्राप्त कर गठबंधन प्रत्याशी बाबू राम (703 मत) को पराजित किया।
संयुक्त सचिव के दोनों पदों पर बीएसपी गुट का कब्जा रहा। सचिन कुमार सैनी को 679 और अनिता रानी को 745 मत मिले, जबकि गठबंधन प्रत्याशी प्रदेश को 571 और फैसल को 452 मत मिले।
सीनियर गवर्निंग काउंसिल पद पर बीएसपी गुट के रविदत्त शर्मा ने 734 मत प्राप्त कर गठबंधन प्रत्याशी दिलीप सेठी (715 मत) को मामूली अंतर से हराया। इस पद पर मंजर हुसैन काजमी को केवल एक मत से हार का सामना करना पड़ा।
जूनियर गवर्निंग काउंसिल पद पर बीएसपी गुट के बिट्टू सहगल ने 721 मत प्राप्त किए, जबकि गठबंधन के अंकित चौधरी को 699 मत मिले। फौजिया फरहत को 691 और नैन कुमार को 669 मतों से संतोष करना पड़ा।
चुनाव परिणामों के बाद जहां गठबंधन खेमे में महत्वपूर्ण पदों पर जीत को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल है, वहीं बीएसपी गुट ने अध्यक्ष पद पर लगातार चौथी बार विजय हासिल कर अपने वर्चस्व को बरकरार रखने में सफलता पाई है।








