इंटरनेट युग में भी स्वस्थ मनोरंजन का प्रयास, सहारनपुर पहुँचा रॉयल सर्कस
जनता का मनोरंजन करना ही मुख्य उद्देश्य: संजय पांडे


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में जहां पारंपरिक मनोरंजन के साधन पीछे छुटते जा रहे हैं, वहीं रॉयल सर्कस के कलाकार आज भी लोगों को स्वस्थ और पारिवारिक मनोरंजन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। जनता रोड स्थित महाराज सिंह डिग्री कॉलेज के मैदान पर शनिवार से आरंभ हो रहे रॉयल सर्कस को लेकर मैनेजर संजय पांडे एवं निर्देशक संतोष नायर ने शुक्रवार को पत्रकारों को आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सर्कस के माध्यम से मनोरंजन करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है। देशभर में अब मात्र चार-पांच बड़े सर्कस ही संचालित रह गए हैं। न्यायालय द्वारा पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत जानवरों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद सर्कस के प्रति आमजन का रुझान काफी कम हुआ है, जिससे सर्कस उद्योग आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। इसके बावजूद कलाकार पूरी लगन से लोगों को स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करने में जुटे हुए हैं। मैनेजर संजय पांडे ने बताया कि समय के साथ-साथ सर्कस में भी कई सकारात्मक बदलाव किए गए हैं। इस बार दर्शकों को भारतीय कलाकारों के साथ-साथ रूस और अफ्रीका के कलाकारों के रोमांचक करतब देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिलती, फिर भी सर्कस कलाकार इसे अपनी रोजी-रोटी और परंपरा मानकर आगे बढ़ा रहे हैं। निर्देशक संतोष नायर ने कहा कि रॉयल सर्कस में कलाकारों द्वारा हैरतअंगेज और सुरक्षित करतब प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि रॉयल सर्कस प्रसिद्ध फिल्म हेरा फेरी में भी दिखाई दे चुका है। सर्कस का मुख्य उद्देश्य जनता को स्वस्थ और शुद्ध मनोरंजन उपलब्ध कराना है, जिसके लिए दर्शकों का सहयोग अपेक्षित है। इस अवसर पर प्रबंधक राजकुमार, सुनील कुमार एवं अविनाश कुमार भी उपस्थित रहे।







