सरसावा टोल प्रकरण में प्रशासन की सख्ती, रणनीतिक जांच से अवैध वसूली का भंडाफोड़


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । जनपद में किसानों से अवैध वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर सरसावा नेशनल टोल प्लाजा पर की गई रणनीतिक एवं गोपनीय जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। जांच में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से टोल फ्री होने के बावजूद नकद अवैध वसूली, फर्जी रसीद काटने तथा बिना रसीद धन संग्रह किए जाने की पुष्टि हुई, जिससे पूरे अवैध वसूली नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर कुछ राजस्व कर्मियों को किसानों के भेष में टोल प्लाजा भेजा गया था। मौके पर की गई इस गुप्त जांच में सामने आया कि टोल कर्मचारियों द्वारा नियमों को दरकिनार कर किसानों से अवैध रूप से धन वसूला जा रहा था। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद तत्काल पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्रशासन के आदेश पर सरसावा थाने में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। दर्ज धाराओं में बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 308(2) एवं 61(2) शामिल हैं।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के अधिकारों का उल्लंघन किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। दोषी चाहे किसी भी स्तर पर हों, उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन की इस सुनियोजित और सख्त कार्रवाई से किसानों को राहत मिली है और यह संदेश भी स्पष्ट हुआ है कि जनपद में कानून व्यवस्था, पारदर्शिता और जनहित सर्वोपरि हैं। मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है तथा आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
- जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना निर्भय होकर प्रशासन को दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।







