चाइनीस मांझा बना जानलेवा, प्रतिबंध के बावजूद सहारनपुर में चोरी-छिपे जारी बिक्री


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। प्रतिबंध के बावजूद चाइनीस मांझा आज भी सहारनपुर में चोरी-छिपे बेचा जा रहा है, जो आमजन, बच्चों और पशु-पक्षियों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। आए दिन गले कटने, हाथ जख्मी होने और दोपहिया वाहन चालकों के हादसों की घटनाएं सामने आ रही हैं। कबूतर, चिड़िया, चील और कौवे जैसे पक्षी भी इस जानलेवा मांझे का शिकार हो रहे हैं।

सरकार द्वारा चाइनीस मांझा की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, इसके बावजूद कुछ लालची लोग अपने घरों और गुप्त ठिकानों से इसकी बिक्री कर रहे हैं। पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है और गिरफ्तारियां भी हो रही हैं, लेकिन नेटवर्क पूरी तरह टूट नहीं पा रहा है।
सहारनपुर में अनेक व्यापारिक संगठन सक्रिय हैं, परंतु अब तक किसी भी संगठन ने इस मुद्दे पर खुलकर जिम्मेदारी नहीं ली है। शहरवासियों को उम्मीद है कि सहारनपुर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विवेक मनोचा इस गंभीर विषय को मजबूती से उठाएंगे। अपेक्षा की जा रही है कि जो भी व्यक्ति प्रतिबंधित चाइनीस मांझा बेचते हुए पाया जाए, उसे किसी भी व्यापार संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया जाए, उसका सामाजिक-व्यापारिक बहिष्कार हो और स्वयं व्यापार संगठन थाने में इसकी सूचना दें।
यदि व्यापारिक संगठन सामूहिक जिम्मेदारी निभाएं, तो शहर में होने वाली कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इसके साथ-साथ जनता की भी अहम भूमिका है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को पतंग उड़ाने के लिए प्रोत्साहित करें, लेकिन चाइनीस मांझा न खरीदने और न इस्तेमाल करने की सख्त समझाइश दें। जब मांग खत्म होगी, तभी अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी।
आज जरूरत इस बात की है कि व्यापारी, अभिभावक, सामाजिक संगठन और प्रशासन एकजुट होकर चाइनीस मांझा के खिलाफ सख्त कदम उठाएं। तभी सहारनपुर को इस जानलेवा खतरे से सुरक्षित बनाया जा सकता है।







