चाइनीस मांझे पर प्रतिबंध लगाने की मांग
नारायणी सेना ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। चाइनीस मांझे से हो रही लगातार जनहानि और दुर्घटनाओं को रोकने की मांग को लेकर आजनारायणी सेना (ट्रस्ट) के अध्यक्ष अरुण तेजस्वी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी सौंपकर इस पर त्वरित कार्रवाई करने की मांग की। आज नारायणी सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण तेजस्वी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय पहुंचा जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में बसंत पर्व के मद्देनजर चाइनीस मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि चाइनीस मांझा नायलॉन युक्त, अत्यंत धारदार और विद्युत चालक होता है, जो आम नागरिकों के लिए जानलेवा बन चुका है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों, बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, पक्षियों और पशुओं के लिए यह गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। देश के कई हिस्सों में चाइनीस मांझे से गला कटने, गंभीर रूप से घायल होने और मौत तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में चोरी-छिपे चाइनीस मांझे की बिक्री जारी है, जिस पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। त्योहारों के दौरान पतंगबाजी के समय इसके उपयोग से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। इसके अलावा यह पर्यावरण के लिए भी बेहद नुकसानदेह है, जिससे बड़ी संख्या में पक्षियों की जान जा रही है। नारायणी सेना (ट्रस्ट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण तेजस्वी ने कहा कि यदि समय रहते इस पर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। उन्होंने प्रशासन से नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल पारंपरिक सूती मांझे को बढ़ावा देने की अपील की। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन यूपी जिला अधिकारी को दिया। इस अवसर पर एडवोकेट सुमित चांदना, एडवोकेट शुभम शर्मा, गुरप्रीत सिंह ग्रोवर, डॉ. के.पी. सिंह अश्वनी सुखीजा, शुभम गोयल, मोहित गावड़ी, अभिषेक बालियान, विश्वनाथ, अंकुश बजाज, अमित सेठी, अंकित शर्मा, शिवम, अमित चैधरी, दीपक चड्ढा, मोहित अहमदपुर, प्रेम मदान, आकाश चैधरी, आयुष राणा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।







