भूमि विरासत में फर्जीवाड़े का आरोप, पीड़ितों ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। ग्राम सड़क दूधली में भूमि विरासत को लेकर गंभीर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। मृतक रूडा पुत्र मुंगा की जमीन पर कथित रूप से षड्यंत्र और मिलीभगत के जरिए फर्जी लोगों के नाम विरासत दर्ज कराकर भूमि हड़पने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी सहारनपुर को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपते हुए न्याय की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि रूडा पुत्र मुंगा का वर्ष 1991 में निधन हो गया था। उनके तीन पुत्र रणजीत, सरजीत और बलराम थे, जिनके नाम पर संबंधित भूमि की विरासत दर्ज होनी चाहिए थी। आरोप है कि ग्रामीण स्तर पर साजिश रचते हुए कुछ लोगों ने अनपढ़ता का लाभ उठाकर फर्जी व्यक्तियों के नाम विरासत दर्ज करा दी और बाद में सिविल वाद के माध्यम से जमीन अपने नाम करवा ली।
पीड़ितों का कहना है कि सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा वर्ष 1992 में पारित आदेश के आधार पर गलत विरासत दर्ज की गई, जिसके खिलाफ बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी सहारनपुर के यहां अपील दाखिल की गई है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। आरोप लगाया गया है कि भूमि पर अवैध रूप से कब्जा जमाए लोग अपील को प्रभावित करने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिससे वास्तविक वारिसों के अधिकार खतरे में पड़ सकते हैं।
मृतक रूडा पुत्र मुंगा के पौत्र विनोद कुमार, सुनील कुमार और सोनू कुमार ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूर्व में गलत तरीके से दर्ज की गई विरासत को निरस्त कर वास्तविक कानूनी वारिसों के नाम भूमि दर्ज कराई जाए। पीड़ित परिवार को प्रशासन से निष्पक्ष जांच और शीघ्र न्याय की उम्मीद है।







