सहारनपुर में सियासी हलचल तेज: सपा का एक और विकेट गिरा! कांग्रेस पोस्टरों ने खोले कई राज


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिले की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। शहर के कई मोहल्लों और गलियों में नववर्ष एवं गुरु गोविंद सिंह जी के जन्मोत्सव की शुभकामनाओं वाले कांग्रेस पार्टी के पोस्टरों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इन पोस्टरों में कांग्रेस के तमाम प्रमुख नेताओं के साथ एक ऐसा चेहरा नजर आया, जिसने समाजवादी पार्टी की नींद उड़ा दी है।
पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री सरफराज खान की तस्वीर सामने आते ही यह लगभग तय माना जा रहा है कि सपा का एक और बड़ा विकेट गिर चुका है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ एक संयोग नहीं, बल्कि साफ संकेत है कि सरफराज खान और उनका परिवार अब समाजवादी पार्टी से दूरी बना चुका है। भले ही औपचारिक घोषणा अभी न हुई हो, लेकिन पोस्टरों में उनकी मौजूदगी ने सियासी तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।
पोस्टर में जो नहीं दिखा, वही बना सबसे बड़ा सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कांग्रेस के इन पोस्टरों में महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी की तस्वीर नदारद रही। जबकि पार्टी के अन्य नेताओं के फोटो प्रमुखता से लगाए गए। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मनीष त्यागी की फोटो क्यों नहीं लगाई गई?
क्या यह केवल एक भूल है या फिर इसके पीछे संगठन के भीतर चल रही कोई बड़ी खींचतान छिपी है? राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कहीं न कहीं महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी, जिला अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद के बीच तालमेल की कमी सामने आ रही है। पोस्टरों में मनीष त्यागी की गैरमौजूदगी ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।
लगातार नेताओं और प्रभावशाली परिवारों के पार्टी छोड़ने या दूरी बनाने की खबरों से समाजवादी पार्टी पहले ही दबाव में है। अब पूर्व मंत्री सरफराज खान की तस्वीर कांग्रेस के पोस्टरों में दिखना सपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में इस परिवार ने औपचारिक रूप से कांग्रेस का दामन थाम लिया, तो इसका असर सहारनपुर की राजनीति पर दूरगामी होगा।
दूसरी ओर, कांग्रेस के लिए यह घटनाक्रम संजीवनी की तरह देखा जा रहा है। पोस्टरों के जरिए कांग्रेस ने न सिर्फ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि आने वाले समय में बड़े नाम और पुराने दिग्गज कांग्रेस के साथ खड़े नजर आ सकते हैं।
अब सबकी नजरें अगली चाल पर
फिलहाल सहारनपुर की राजनीति सवालों के घेरे में है—
क्या सरफराज खान औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल होंगे?
महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी की फोटो गायब होने के पीछे क्या कारण है?
क्या कांग्रेस संगठन के भीतर अंदरूनी मतभेद उभर रहे हैं या यह कोई सोची-समझी रणनीति है?
इन तमाम सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मिलेंगे, लेकिन इतना तय है कि सहारनपुर की सियासत में यह पोस्टर कांड आने वाले चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदलने की ताकत रखता है।







