आजादी के 78 वर्षों बाद दलित बस्ती मुंशीपुरा को मिली पक्की सड़क, नगर में हो रही सराहना


शहरी चौपाल ब्यूरो
नकुड़ (सहारनपुर)। तहसील कार्यालय से दलित बस्ती मुंशीपुरा मोहल्ले को जाने वाला मार्ग आजादी के 78 वर्षों बाद आखिरकार पक्का हो गया। वर्षों से कच्ची सड़क होने के कारण बरसात के मौसम में यहां पानी भर जाता था, जिससे स्थानीय निवासियों, अधिवक्ताओं और आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। सड़क के निर्माण से दलित बस्ती में खुशी की लहर है और नगर में इस कार्य की व्यापक चर्चा हो रही है।
बताया जाता है कि यह मार्ग लंबे समय से कानूनी अड़चनों में फंसा हुआ था। पूर्व में जब भी किसी पालिका चेयरमैन ने सड़क निर्माण का प्रयास किया, कुछ लोग रास्ते को वक्फ संपत्ति बताते हुए आपत्ति दर्ज करा देते थे, जिससे निर्माण कार्य रुक जाता था। लेकिन इस बार पालिका बोर्ड और प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अड़चनों को दरकिनार कर दिया और बुधवार की रात पूरे लाव-लश्कर के साथ रातों-रात सड़क का निर्माण करा दिया।
पालिका प्रशासन के इस फैसले से दलित बस्ती के लोगों में खासा उत्साह है। स्थानीय सभासद महेश कुमार, पूर्व वरिष्ठ सभासद त्रिलोक चंद, अरुण कुमार, राजेश एडवोकेट और सुंदर लाल ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद पक्का रास्ता मिलना किसी सपने के सच होने जैसा है। बरसात के दिनों में इस मार्ग से गुजरना नारकीय जीवन जैसा लगता था, लेकिन अब इस समस्या से मुक्ति मिल गई है।
इस सड़क के निर्माण को लेकर अधिवक्ताओं ने भी खुशी जाहिर की है। बार संघ सचिव मुरसलीन राणा तथा अधिवक्ता अमित धीमान, सचिन सैनी और अरुण कोरी ने बताया कि उनके चैम्बरों से लगते इस कच्चे रास्ते से आने-जाने वाले वादकारियों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब पक्की सड़क बनने से सभी को राहत मिली है और इसके लिए पालिका प्रशासन बधाई का पात्र है।
गौरतलब है कि इस कार्य की सराहना पालिका चेयरमैन के घोर विरोधियों द्वारा भी की जा रही है। समाजसेवी एवं पत्रकार मनोज कुमार ने कहा कि जहां विरोध की आवश्यकता होगी वहां वे विरोध करेंगे, लेकिन आजादी के 78 वर्षों बाद दलित बस्ती को पक्की सड़क दिलाने के लिए वे पालिका बोर्ड की खुलकर सराहना करते हैं। नगर में आमजन का कहना है कि सही कार्य की हमेशा प्रशंसा होनी चाहिए।







