पुण्यतिथि पर श्रद्धा से स्मरण की गईं मां हीराबेन स्वामी भारत भूषण ने कहा-फल से नहीं, पेड़ से तय होती है नस्ल


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता स्वर्गीय हीराबेन की पुण्यतिथि पर मोक्षायतन अंतर्राष्ट्रीय योग संस्थान में आयोजित जीवन संवाद कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। इस अवसर पर पद्मश्री योगगुरु स्वामी भारत भूषण ने कहा कि किसी व्यक्ति के गुण और व्यक्तित्व का निर्धारण उसके संस्कारों से होता है, जो उसे माता से प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहाकृ “फल से पेड़ नहीं, बल्कि पेड़ से फल की नस्ल, विशेषता और स्वाद तय होता है। स्वामी भारत भूषण ने कहा कि इस देश में माता विद्यावती से भगत सिंह, जीजाबाई से छत्रपति शिवाजी और सुनीति जैसी माताओं से ध्रुव जैसे महापुरुष जन्म लेते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में दिखाई देने वाले स्वाभिमान, आत्मविश्वास, स्वधर्मनिष्ठा, दृढ़ संकल्प, आत्मगौरव, श्रमशीलता, परदुख कातरता और सर्वकल्याण की भावना जैसे गुण उन्हें माता हीराबेन से विरासत में मिले हैं। योगगुरु ने कहा कि विश्व के शक्तिशाली नेताओं में गिने जाने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी का सादगीपूर्ण और अपरिग्रही जीवन राजा जनक की परंपरा का स्मरण कराता है। उन्होंने बताया कि माता हीराबेन ने सौ वर्षों तक संघर्ष, सरलता और सादगी के साथ अपने बच्चों को संस्कारवान जीवन दिया। यही कारण है कि राष्ट्र का प्रथम सेवक बनकर प्रधानमंत्री मोदी सर्वकल्याण भाव से देशसेवा को ही अपनी शक्ति मानते हैं। स्वामी भारत भूषण ने एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं कहा था कि माता हीराबेन प्रधानमंत्री आवास पर केवल एक बार आई थीं और सामान्यतः गुजरात में ही रहती थीं। उनके निधन पर प्रधानमंत्री ने अत्यंत सादगी के साथ परिवार के सदस्यों के साथ अंतिम संस्कार किया और तत्पश्चात पूर्वनिर्धारित राष्ट्रीय दायित्वों में जुट गए, जो उनके कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव को दर्शाता है। कार्यक्रम में संस्थान में स्थापित माता हीराबेन के चित्र पर श्रद्धा स्वरूप पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा गीता श्लोकों का पाठ किया गया। जीवन संवाद कार्यक्रम को अधिष्ठाता नंदकिशोर शर्मा, योगाचार्या अनीता शर्मा, शिवम वर्मा, इंजीनियर अमरनाथ, मुकेश शर्मा, ललित वर्मा, इंजीनियर दीपक मौर्य, सीमा गुप्ता सहित अनेक साधकों ने संबोधित किया।







