लघु उद्योग भारती ने सहारनपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का इस्तीफा मांगा


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। लघु उद्योग भारती ने सहारनपुर विकास प्राधिकरण (एसडीए) पर उद्यमियों को डराने-धमकाने और जबरन जमीन कब्जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की है। संगठन का आरोप है कि एसडीए द्वारा लघु उद्योग भारती से जुड़े उद्यमी आदेश बिंदल की 15 वर्ष पुरानी फैक्ट्री को गलत ढंग से ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी कर दबाव बनाया जा रहा है।
लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने बताया कि सहारनपुर विकास प्राधिकरण दिल्ली रोड पर एक कॉलोनी विकसित कर रहा है, जिसमें उद्यमी आदेश बिंदल का लगभग 1050 गज का प्लॉट बीच में आ रहा है। आरोप है कि प्राधिकरण के अधिकारियों जेई प्रदीप गोयल और सार्थक शर्मा द्वारा उद्यमी पर दबाव बनाया गया कि वह अपने प्लॉट की रजिस्ट्री सरकारी दर पर एसडीए के नाम कर दे, जबकि यह दर उस बाजार मूल्य से काफी कम है, जिस पर उद्यमी ने प्लॉट खरीदा था।
जब उद्यमी ने रजिस्ट्री करने से इनकार किया तो दबाव बनाने के उद्देश्य से गागलहेड़ी क्षेत्र में वर्ष 2009 से संचालित फैक्ट्री पर यह कहते हुए नोटिस जारी कर दिया गया कि फैक्ट्री का निर्माण 15 दिन पूर्व किया गया है और इसका ध्वस्तीकरण किया जाएगा।
लघु उद्योग भारती मेरठ संभाग के महासचिव अनुपम गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्यमियों को भयमुक्त वातावरण देने की बात कर रही है, वहीं सहारनपुर विकास प्राधिकरण जैसे सरकारी विभाग द्वारा एक उद्यमी को डराने-धमकाने और फैक्ट्री बंद कराने की साजिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि या तो प्राधिकरण यह साबित करे कि फैक्ट्री का निर्माण वास्तव में 15 दिन पूर्व किया गया है, अन्यथा नोटिस जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उपाध्यक्ष इस्तीफा दें।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उद्यमी विरोधी मानसिकता वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो लघु उद्योग भारती इस पूरे प्रकरण की शिकायत माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उच्च अधिकारियों एवं लोकायुक्त से करेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष वरुण अग्रवाल, उद्यमी आदेश बिंदल, घनश्याम माहेश्वरी, मुकेश शर्मा, सुशील भारद्वाज, शौर्य जैन, संजय कपूर, अजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और उद्यमी मौजूद रहे।







