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सफरनामा–2025 : व्यापारियों की अनदेखी में बीता पूरा साल

विभागीय सर्वे व छापों से आंदोलित रहे व्यापारी, नए वर्ष में बेहतर कारोबार की उम्मीद : शीतल टण्डन

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई के प्रमुख पदाधिकारियों की वर्ष 2025 की वार्षिक समीक्षा बैठक स्थानीय रेलवे रोड स्थित कार्यालय पर आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन तथा जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्ष 2025 केन्द्र व राज्य सरकार की व्यापारिक समस्याओं के प्रति लगातार अनदेखी में बीत गया।

उन्होंने कहा कि जहां वर्ष 2020–21 कोरोना और आर्थिक मंदी की भेंट चढ़ गया था तथा 2023–24 में कारोबार ने कुछ गति पकड़ी थी, वहीं वर्ष 2025 में पूरे साल कारोबार में अपेक्षित तेजी देखने को नहीं मिली। इसका मुख्य कारण केन्द्र व राज्य सरकारों की व्यापारियों के प्रति नकारात्मक सोच और व्यापारिक समस्याओं की उपेक्षा रहा, जिसके चलते व्यापारी पूरे वर्ष आंदोलित रहे।

शीतल टण्डन ने कहा कि विभागों द्वारा पूर्व के वर्षों से संबंधित अनावश्यक सर्वे और नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिससे व्यापारियों में भय का माहौल बना रहा। ऑनलाइन कारोबार के बढ़ते प्रभाव से छोटे व्यापारियों का व्यवसाय प्रभावित हुआ है, लेकिन ऑनलाइन कारोबार पर नियंत्रण की मांग को सरकार द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है। आयकर की धारा 43बीएच में किए गए संशोधन को भी केन्द्र सरकार वापस नहीं ले रही है।

उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग सरकार को विभिन्न करों के माध्यम से कुल राजस्व का 60 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है, इसके बावजूद सरकारों के मन में व्यापारियों के प्रति अविश्वास की भावना बढ़ती जा रही है। हालांकि जीएसटी व टैक्स दरों में कुछ कमी की गई, जो वर्ष की एक उपलब्धि रही, लेकिन जीएसटी के सरलीकरण का इंतजार अब भी बना हुआ है।

बैठक में अतिक्रमण और यातायात समस्याओं को भी व्यापारियों और आम जनता के लिए बड़ी परेशानी बताया गया। सहारनपुर में विकसित बस अड्डे का निर्माण अभी तक अधर में लटका है और स्मार्ट सिटी योजना के कार्य भी बेहद धीमी गति से चल रहे हैं।

शीतल टण्डन ने कहा कि व्यापारी वर्ग हर परिस्थिति में पुलिस प्रशासन और सरकार को सहयोग करता है तथा चुनावों में भी सरकारों का समर्थन करता रहा है, इसके बावजूद व्यापारियों को मिलने वाली सुविधाओं से वह आज भी वंचित है। उन्होंने कहा कि सरकारें विभिन्न वर्गों को सुविधाएं और अनुदान दे रही हैं, लेकिन व्यापारी वर्ग को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि संगठन के कार्यक्रमों और आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाएं, क्योंकि संघर्ष और एकता के बिना सरकारें व्यापारिक समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं होंगी। व्यापारी आंदोलन का इतिहास इस बात का साक्षी है कि एकजुट संघर्ष के सामने सरकारों को झुकना पड़ा है।

शीतल टण्डन ने आशा व्यक्त की कि वर्ष 2026 में व्यापार के लिए बेहतर माहौल बनेगा और गांव से लेकर महानगरों तक एकता, सद्भावना और विकास का संचार होगा। अंत में उन्होंने सभी व्यापारियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

बैठक में प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मेजर एस.के. सूरी, बलदेव राज खुंगर, अशोक मलिक, संजीव सचदेवा, अभिषेक भाटिया सहित अनेक व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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