धर्म की रक्षा के लिए प्रभु अवतार लेते हैं : आचार्य मनोज महाराज
श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में हुआ कृष्ण जन्म का भावपूर्ण वर्णन


शहरी चौपाल ब्यूरो
छुटमलपुर (सहारनपुर)। बड़कला स्थित खाटू श्याम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर कथाव्यास आचार्य मनोज महाराज ने धर्म और भक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर पापाचार और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब धर्म की रक्षा के लिए प्रभु किसी न किसी रूप में अवतार लेते हैं और पापियों का नाश करते हैं।
आचार्य मनोज महाराज ने कहा कि विप्र, धेनु, देव और संतों की रक्षा के लिए भगवान अवतार लेते हैं। रावण और कंस जैसे अत्याचारियों के अंत के लिए प्रभु कभी राम तो कभी श्याम बनकर मानव रूप में लीला करते हैं। उन्होंने बताया कि तपस्या से भगवान प्रसन्न होते हैं और गौमाता की कृपा से वंश की वृद्धि होती है। गौपालन करने वाले मनुष्य भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय होते हैं।
कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कथाव्यास ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की सुंदर और भावपूर्ण कथा सुनाई। कृष्ण जन्म की झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया।
कृष्ण जन्म के समय हाथी-घोड़ा, पालकी और जय कन्हैयालाल के जयघोष से पूरा पंडाल कृष्णमय हो गया और श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे।
इस अवसर पर अश्वनी गर्ग, दीपक शर्मा, विकास गुप्ता, मंजू शर्मा, कमला देवी, दुबे सिंह कंबोज, ऋषि पाल सैनी, सारिका जैन, बबीता धीमान, निधि सैनी, रीमा गोयल, राखी प्रजापति, मीनाक्षी मित्तल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।







