बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हिंसा के विरोध में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद का ज्ञापन


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा, उत्पीड़न और हत्याओं के विरोध में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन भेजकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन विनीत चौधरी, विभाग मंत्री रामपुर (जिला सहारनपुर) के माध्यम से प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के बाद से वहां हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है। अब तक लगभग 88 बड़ी हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें हजारों निर्दोष लोगों की जान जाने का दावा किया गया है। हालात 1971 जैसे भयावह होते जा रहे हैं, जहां मंदिरों को तोड़ा जा रहा है, हिंदू घरों को जलाया जा रहा है और लूटपाट व हत्याएं की जा रही हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कट्टरपंथी तत्वों द्वारा हिंदू युवक दीपु चंद दास की हत्या कर शव को जलाया गया, वहीं पूर्व प्रधानमंत्री के आवास को भी आग के हवाले कर दिया गया। राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में खुलेआम आगजनी और हिंसा की घटनाएं हो रही हैं, जिससे पूरा बांग्लादेश सुलग रहा है।
संगठन ने यह भी चेतावनी दी कि इस्लामी कट्टरपंथी ताकतों के सक्रिय होने से भारत विरोधी साजिशें रची जा रही हैं, जिससे पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। “अल्लाह हू अकबर” के नारे लगाकर हिंदुओं को डराने-धमकाने, घर-दुकानों को जलाने और भारत की सीमाओं को चुनौती देने जैसी गतिविधियों का भी उल्लेख ज्ञापन में किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल ने राष्ट्रपति महोदया से आग्रह किया है कि बांग्लादेश सरकार और वहां स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह देशभर में बांग्लादेश के विरोध में आंदोलन करने को विवश होगा।







