सहारनपुर से नकली नोटों के बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़
राजस्थान पुलिस ने जाल बिछाकर दिल्ली रोड निवासी आरोपी को दबोचा, लाखों के नकली नोट व मशीनें बरामद


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर से संचालित नकली नोटों के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। राजस्थान पुलिस ने सहारनपुर पहुंचकर जाल बिछाया और नकली नोट बनाने के आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से करीब चार लाख 30 हजार रुपये के नकली नोट, नोट छापने के उपकरण, मशीनें व अन्य सामग्री बरामद की गई है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जयपुर कमिश्नरेट की टीम ने बीते रविवार रात चित्रकूट थाना क्षेत्र में डमी ग्राहक बनकर कार्रवाई करते हुए नकली नोटों की तस्करी में शामिल गोविंद चौधरी और देवांश को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास से करीब दो लाख 90 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि नकली नोटों की पूरी खेप उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लाई गई थी।
इस इनपुट के बाद राजस्थान पुलिस बुधवार को सहारनपुर पहुंची और थाना सदर बाजार पुलिस को साथ लेकर एक होटल में ठहरकर पूरा जाल बिछाया। पुलिस ने फोन के जरिए नकली नोट लेने और असली नोट देने की बात तय की और दिल्ली रोड स्थित सेंट्रल पार्क कॉलोनी निवासी गौरव पुंडीर को होटल बुलाया गया। जैसे ही गौरव पुंडीर नकली नोट लेकर होटल पहुंचा, पुलिस टीम ने उसे मौके पर दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस सेंट्रल पार्क कॉलोनी स्थित उसके आवास पर पहुंची, जहां से करीब चार लाख 30 हजार रुपये के नकली नोट, नोट छापने के उपकरण, डाई और मशीनें बरामद की गईं। कॉलोनी के लोगों को जब इस बात की जानकारी हुई तो वे भी हैरान रह गए कि उनके बीच नकली नोटों की फैक्ट्री चल रही थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी गौरव पुंडीर ने स्वीकार किया कि वह पिछले तीन महीनों से नकली नोटों का धंधा कर रहा था। उसने बताया कि वह एक लाख रुपये के बदले तीन लाख रुपये के नकली नोट सप्लाई करता था और कई राज्यों में इनकी आपूर्ति कर चुका है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं और पूछताछ में अंतरराज्यीय नकली नोट नेटवर्क का बड़ा खुलासा होने की संभावना है।
कार्रवाई के बाद राजस्थान पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर जयपुर रवाना हो गई है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं।







