बरथा खनन जोन में विशेष जांच टीम का फिर ताबड़तोड़ एक्शन, खनन कारोबारियों में हड़कंप


शहरी चौपाल ब्यूरो
बेहट। सपा विधायक शाहनवाज खान द्वारा विधान परिषद के शीतकालीन सत्र में अवैध खनन का मुद्दा जोर-शोर से उठाए जाने के बाद शासन के सख्त निर्देशों पर लखनऊ से भेजी गई विशेष जांच टीम सहारनपुर में लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में सोमवार को टीम ने एक बार फिर बेहट तहसील के बरथा खनन जोन में अचानक पहुंचकर खनन कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
जांच टीम के बरथा खनन जोन में पहुंचते ही स्टोन क्रेशर संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने कई स्टोन क्रेशरों पर सघन छापेमारी करते हुए स्टॉक रजिस्टर, खनन से संबंधित अभिलेख, परिवहन प्रपत्र, ई-रवन्ना सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। विशेष रूप से दूसरे प्रदेशों से लाई गई खनन सामग्री की वैधता, उसके स्रोत और परिवहन से जुड़े कागजात जांच के केंद्र में रहे।
जांच के दौरान कई इकाइयों में मौके पर भौतिक सत्यापन कर स्टॉक और दस्तावेजों का मिलान किया गया। सूत्रों के अनुसार इस दौरान कुछ स्टोन क्रेशरों में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। टीम के पहुंचते ही कई क्रेशर संचालक दस्तावेज जुटाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
बताया जा रहा है कि जांच टीम का ध्यान खास तौर पर लागत और बिक्री के आंकड़ों पर केंद्रित है। टीम के सामने यह सवाल खड़ा हुआ कि जब दूसरे प्रदेशों से खनन सामग्री के परिवहन पर 55 से 60 रुपये प्रति कुंतल तक खर्च बताया जा रहा है, तो उसी सामग्री की बिक्री मात्र 64 रुपये प्रति कुंतल पर कैसे संभव है। लागत और बिक्री के बीच का यह अंतर बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है।
सूत्रों का कहना है कि यदि इस वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो आने वाले दिनों में बड़े खुलासे के साथ कड़ी कार्रवाई भी तय मानी जा रही है। फिलहाल बरथा खनन जोन में विशेष जांच टीम की सक्रियता से अवैध खनन से जुड़े लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है और उनकी नींद उड़ गई है।







