वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने बैंक प्रबंधकों संग की अहम गोष्ठी,
साइबर एवं आर्थिक अपराधों पर कसेगी लगाम


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी के निर्देशन में आज जनपद के सभी बैंक प्रबंधकों के साथ साइबर सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा एवं बैंकिंग सुरक्षा विषय पर एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य बढ़ते साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अपराधों एवं बैंकिंग धोखाधड़ी की रोकथाम हेतु पुलिस बैंक समन्वय को मजबूत बनाना रहा। पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित गोश्ठी मेें वरिश्ठ पुलिस अधीक्षक आषीश तिवारी ने साइबर एंव आर्थिक अपराधों पर रोकथाम लगाने को सहयोग करने का आह्वान किया। बैठक में बैंक प्रबंधकों को बताया गया कि हाल के दिनों में ओटीपी फ्रॉड, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी केवाईसी लिंक, यूपीआई ठगी, एटीएम फ्रॉड जैसे मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। ऐसे में बैंक स्टाफ की सतर्कता और त्वरित सूचना आमजन की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। गोश्ठी में बैंक प्रबंधकों को निर्देष देते हुए कहा कि बैंक शाखाओं में सीसीटीवी, अलार्म सिस्टम एवं सुरक्षा गार्ड की प्रभावी व्यवस्था अनिवार्य हो, बैंक खुलने और बंद होने के समय पुलिस से समन्वय बनाए रखें, संदिग्ध व्यक्तियों, कॉल या लेन-देन की स्थिति में तुरंत सूचना दें। उन्होंने कहा कि एटीएम, शाखा परिसर और कैश वैन की नियमित निगरानी की जाये, ग्राहकों को ओटीपी, एटीएम पिन या यूपीआई पिन साझा न करने हेतु सतत जागरूकता रखता, आर्थिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर धनराशि फ्रीज कराएं, साइबर फ्रॉड की सूचना में देरी से नुकसान बढ़ने का खतरा, बुजुर्ग, महिलाएँ और ग्रामीण ग्राहकों को विशेष जागरूकता प्रदान करें, बैंक शाखाओं में जागरूकता पोस्टर, बैनर और पम्पलेट लगाए जाएँ। गोष्ठी में यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि फर्जी खाते, मनी लॉन्ड्रिंग, संदिग्ध ट्रांजैक्शन या किसी भी प्रकार के डिजिटल/आर्थिक अपराध की सूचना पुलिस को तुरंत उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पुलिस ने आश्वस्त किया कि साइबर अपराध, आर्थिक ठगी और बैंकिंग फ्रॉड के विरुद्ध वह पूरी तरह सतर्क है और आमजन की धन-संपत्ति की सुरक्षा हेतु निरंतर अभियान चल रहा है।







