सहारनपुर में ट्रांसपोर्ट नगर बनने के बावजूद मंडी समिति रोड पर ट्रांसपोर्टरों का कब्जा, जनता की सुरक्षा और यातायात पर गंभीर संकट


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शहर में सुगम यातायात व्यवस्था और लगातार बढ़ती जाम की समस्या को देखते हुए वर्ष 2015 में ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण किया गया था। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत बनाए गए इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य शहर में फैले ट्रांसपोर्टरों को एक व्यवस्थित और शहर से बाहर स्थित स्थान पर शिफ्ट करना था, ताकि मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही कम होकर यातायात सुचारू रह सके। लेकिन दस साल बीत जाने के बाद भी वास्तविक स्थिति पूरी तरह उलट है। मंडी समिति रोड पर आज भी बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टरों का कब्जा बना हुआ है और उनकी गतिविधियाँ पहले की तरह ही जारी हैं।
प्रशासनिक आदेशों के तहत वर्ष 2015 में अधिकतर ट्रांसपोर्टरों को ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन मंडी समिति रोड पर मौजूद कई ट्रांसपोर्टरों ने अस्थायी मोहलत मांगी थी। अब वही अस्थायी मोहलत दस वर्षों से स्थायी अड्डे का रूप ले चुकी है, जो स्पष्ट रूप से प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना है। शहर के अंदर भारी वाहनों की आवाजाही ने न सिर्फ जाम की समस्या को बढ़ाया है, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी कई गुना बढ़ गई है।
मंडी समिति रोड आज जाम का नया केंद्र बन चुका है। सड़क के दोनों किनारों पर खड़े बड़े ट्रक, माल लदाई और उतराई के दौरान होने वाली गंदगी, अवैध पार्किंग, तेज आवाजें और लगातार बनी रहने वाली भीड़ लोगों को परेशान कर रही है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, क्योंकि सड़क पर हर समय भारी वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे न केवल लोगों के दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है, बल्कि व्यापारियों को भी लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी समिति रोड और चिलकाना रोड पर कई छोटे और बड़े स्कूल भी स्थित हैं, जिनमें प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे आते जाते हैं। सुबह और दोपहर के समय जब बच्चों का आना जाना अत्यधिक होता है, उस समय भारी ट्रकों की निरंतर आवाजाही सबसे बड़ा खतरा बन जाती है। अभिभावकों का कहना है कि बड़े ट्रकों के बीच बच्चों का सड़क पार करना जोखिम भरा होता जा रहा है। ट्रकों की तेज आवाज और अवैध पार्किंग के कारण स्कूल बसें और वैन भी आसानी से निकल नहीं पातीं, जिससे बच्चों को समय पर स्कूल पहुँचने में परेशानी होती है और दुर्घटना का डर हर समय बना रहता है।
सहारनपुर की जनता कई वर्षों से प्रशासन से मांग कर रही है कि मंडी समिति रोड को ट्रांसपोर्टरों से मुक्त कराया जाए और सभी वाहनों को ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित किया जाए। शहरवासियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण केवल नाम मात्र के लिए नहीं हुआ था, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया गया था। यदि ट्रांसपोर्टर अभी भी शहर के बीचोंबीच ही अपना कारोबार जारी रखेंगे, तो ट्रांसपोर्ट नगर का उद्देश्य कभी पूरा नहीं हो पाएगा।
जनता की स्पष्ट मांग है कि प्रशासन तुरंत संज्ञान ले और मंडी समिति रोड पर अवैध रूप से जमे ट्रांसपोर्टरों को ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट करने का कड़ा आदेश जारी करे। साथ ही जो ट्रांसपोर्टर प्रशासन की बात नहीं मानते, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शहर की सुरक्षा, सुगमता और बच्चों सहित सभी नागरिकों की सुविधा के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।
सहारनपुर की जनता को भरोसा है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जल्द कार्रवाई करेगा, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार हो सके और नागरिकों को सुरक्षित एवं आसान आवागमन का लाभ मिल सके।
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