ग्राम चौपालों ने लिखी जनसेवा की नई इबारत
सहारनपुर में 110 ग्राम पंचायतों में पहुंचे 6000 ग्रामीण, समस्याओं का शत-प्रतिशत समाधान


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शासन की जनकल्याणकारी सोच को धरातल पर उतारते हुए सहारनपुर में आयोजित ग्राम चौपालों ने “सरकार आपके द्वार” अभियान को नई गति दी है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर जनपद के सभी विकास खंडों में बड़े पैमाने पर ग्राम चौपालों का आयोजन किया गया, जिनमें ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने पर विशेष जोर रहा। इन चौपालों ने गांवों की प्रगति और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक नया अध्याय लिखा है।
पिछले माह जनपद के 11 विकास खंडों की 110 ग्राम पंचायतों में आयोजित चौपालों में लगभग 6000 ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इन चौपालों में करीब 250 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका शत-प्रतिशत समाधान मौके पर ही किया गया। प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि कोई भी शिकायत लंबित न रहे।
निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम चौपाल सुबह 11 बजे से समाप्ति तक चली, जिसमें ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं, निर्माण कार्यों और चल रही गतिविधियों का भौतिक सत्यापन किया गया। गाँव में चल रहे विकास कार्यों को लेकर यदि किसी योजना में व्यवहारिक कठिनाई सामने आई, तो चौपाल में ही उसका समाधान किया गया।
चौपालों से पूर्व संबंधित ग्राम पंचायतों में स्वच्छता और साफ-सफाई अभियान चलाया गया। ग्राम प्रतिनिधियों को चारपाल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक जमीन पर समीक्षा हो सके। चौपालों में मनरेगा मजदूरी भुगतान, स्व-सहायता समूह गतिविधियां, विद्युत सखी, लखपति महिला योजना, गौ-आश्रय स्थल, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, एएनएम केंद्र, सामुदायिक शौचालय, राशन वितरण, गैस कनेक्शन, हर घर नल से जल योजना, पेंशन और छात्रवृत्तियों की विस्तृत जांच की गई।
कार्यक्रम में आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती तथा सुशासन जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। ग्रामों को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने के लिए प्रेरित भी किया गया।
ग्राम चौपालों में नोडल अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों की उपस्थिति ने विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही की भावना को और मजबूत किया। सभी ग्राम स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी चौपाल में मौजूद रहे और समस्याओं के समाधान को समयबद्ध रूप से दर्ज किया गया।
इन व्यापक और सफल चौपालों ने ग्रामीण विकास की रफ्तार को और तेज करते हुए प्रशासन की जवाबदेही और संवेदनशीलता का मजबूत संदेश दिया है।







