धूमधाम से मनाई गयी ज्योतिबाफुले जी की 136वी पुण्यतिथि


शहरी चौपाल ब्यूरो
गागलहेड़ी। गागलहेड़ी के मुख्य चौक पर पहुंच सर्व समाज के लोगों ने 28 नवंबर को सामाजिक न्याय और शिक्षा के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई। सुबह स्थानीय सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुरे मण्डल में मात्र एक फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान प्रगतिशील सैनी सभा अध्यक्ष अभय सैनी व मोहन सिंह सैनी ने कहा कि ने स्त्री-शिक्षा, जाति-उन्मूलन और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर फुले के विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इस दिन उनके समाज सुधार के कार्यों, विशेषकर महिला शिक्षा, जातिवाद उन्मूलन और सामाजिक समानता के लिए दिए गए योगदान को याद किया जाता है। यह दिन ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि देने और उनके विचारों को याद करने के लिए मनाया जाता है। विशेष व्याख्यानों में अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा राष्ट्रीय संघ रक्षक जे डी कौशल सैनी ने कहा कि फुले ने उस समय शिक्षा और सामाजिक सुधारों की नींव रखी, जब समाज कुरीतियों और भेदभाव से जकड़ा हुआ था। विशेषज्ञों ने फुले और सावित्रीबाई द्वारा लड़कियों के पहले विद्यालय की स्थापना को भारतीय समाज में ऐतिहासिक परिवर्तन का क्षण बताया
*नागरिकों ने कहा—फुले की सोच आज भी मार्गदर्शक*
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि महात्मा फुले ने जिस समतामूलक समाज की कल्पना की थी, उसकी दिशा में अभी भी बहुत काम बाकी है। युवाओं ने कहा कि फुले की शिक्षा और समता की अवधारणा उन्हें सामाजिक बदलाव के लिए प्रेरित करती है।
इस दौरान नकली राम सिंह, विनीत सैनी, संजय सैनी, डॉक्टर सुशील सैनी, व विक्रम सिंह,एडवोकेट ओम प्रकाश सैनी, मास्टर रिशिपाल, जितेंद्र सैनी, सोनवीर सैनी, योगेंद्र शर्मा व्यापार मंडल अध्यक्ष, ओमपाल सैनी, संदीप सैनी, आदि मौजूद रहे







