सहारनपुर में शीतलहर से बचाव को लेकर प्रशासन हुआ सतर्क
जनता के लिए जारी की गई विस्तृत एडवाइजरी


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में बढ़ती ठंड और शीतलहर के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन को बचाव के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर जारी इस एडवाइजरी का उद्देश्य लोगों को ठंड से बचाने के साथ-साथ जागरूक करना है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सलिल कुमार पटेल ने बताया कि शीतलहर के दौरान जनपदवासी मौसम से संबंधित अपडेट लगातार रेडियो, टीवी, समाचार पत्र और मोबाइल फोन के माध्यम से प्राप्त करते रहें ताकि समय रहते सावधानियां अपनाई जा सकें।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि कोयले की अंगीठी, मिट्टी के तेल के चूल्हे और हीटर का प्रयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें और कमरों में वेंटिलेशन अवश्य बनाए रखें जिससे जहरीला धुआं जमा न हो सके। उन्होंने सलाह दी कि शरीर को हमेशा सूखा रखें और गीले कपड़े तुरंत बदलें क्योंकि इससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अत्याधिक ठंड होने पर अलाव या गर्म स्थान उपलब्ध न होने की स्थिति में लोग सामुदायिक केन्द्रों और आश्रय स्थलों का रुख करें जहां प्रशासन की ओर से अलाव और आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने बताया कि शीतलहर से बचने के लिए कई परतों वाले गर्म कपड़े पहनना अधिक लाभदायक रहता है। ऊनी कपड़ों की कमी होने पर लोग दो या तीन कपड़े एक साथ पहनकर भी शरीर को गर्म रख सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को अत्याधिक ठंड और कोहरे की स्थिति में यथासंभव घर के अंदर ही रखा जाए। शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए पोषक आहार और गर्म पेय पदार्थ अत्यधिक उपयोगी हैं, वहीं धूप निकलने पर उसका सेवन भी फायदेमंद रहता है।
अपर जिलाधिकारी ने हाइपोथर्मिया के खतरनाक लक्षणों के प्रति भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शरीर का असामान्य तापमान, भ्रम, बेहोशी, अत्यधिक ठिठुरन, सुस्ती या बोलने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। इसी तरह शीतदंश की स्थिति में जब उंगलियां, कान, नाक आदि सफेद या पीले रंग के दागों के साथ सुन्न पड़ने लगें, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास अकेले रहने वाले खासकर बुजुर्ग पड़ोसियों का हालचाल अवश्य लेते रहें और जरूरत पड़ने पर पुलिस स्टेशन या प्रशासन को सूचित करें।
पालतू पशुओं और पक्षियों को भी ठंड से बचाने की सलाह दी गई है। उनके बाड़े ढककर रखें लेकिन वेंटिलेशन के लिए पर्याप्त स्थान खुला हो। प्रशासन ने आगजनी की घटनाओं से बचने के लिए सिगड़ी और अंगीठी को सोते समय पूरी तरह बुझाने की भी अपील की है। निराश्रित, विकलांग या असहाय व्यक्तियों को यदि ठंड से प्रभावित देखा जाए तो स्थानीय लेखपाल की मदद से उन्हें निःशुल्क कंबल उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि शीतलहर के दौरान सतर्कता बरतें और आवश्यक एहतियात अपनाकर सुरक्षित रहें।







