महिला आयोग की अध्यक्ष ने की समीक्षा बैठक व जनसुनवाई, महिलाओं की योजनाओं के व्यापक प्रसार पर दिया जोर


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उप्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान व सदस्या सपना कश्यप ने सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की तथा जनसुनवाई आयोजित की। उन्होंने निर्देश दिए कि महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक पात्रों को लाभ मिल सके।
ग्राम चौपालों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने पर जोर
डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाकर तथा ग्राम प्रधानों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचायी जाए। नुक्कड़ नाटक जैसे माध्यमों से भी महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्रों तक पहुंचे।
सभी विभागों की योजनाओं की समीक्षा
समीक्षा बैठक में महिला कल्याण, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, स्वास्थ्य, बाल विकास एवं पुष्टाहार, माध्यमिक शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, परिवहन, पंचायती राज सहित कई विभागों की महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली गई। अध्यक्ष ने कहा कि ये योजनाएं महिलाओं को सामाजिक व आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर संबल प्रदान करती हैं।
उन्होंने कन्या सुमंगला योजना का लाभ हर पात्र बालिका को उपलब्ध कराने, रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष को पुलिस विभाग के समन्वय से और प्रभावी बनाने तथा पुनर्विवाह योजना का अधिकतम प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। सभी सरकारी व निजी कार्यस्थलों पर नियमानुसार आंतरिक शिकायत समिति गठित करने और उसकी रेंडम जांच कराने के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य विभाग को स्वच्छता और टीकाकरण बढ़ाने के निर्देश
अध्यक्ष ने स्वास्थ्य विभाग से सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए अधिकतम टीकाकरण कराने और सीएसआर के माध्यम से भी वैक्सीन उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। एनीमिया मुक्त सहारनपुर अभियान की उन्होंने सराहना की और जनपद स्तर पर बनी रणनीति की प्रशंसा की।
पंचायती राज विभाग को प्रत्येक गांव में कम से कम दो सार्वजनिक शौचालय बनाने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग को सार्वजनिक परिवहनों में चालक का नाम, मोबाइल नंबर व आईडी स्पष्ट रूप से अंकित कराए जाने और स्कूली बसों में यथासंभव महिला सहायक रखने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में 13 प्रकरणों की हुई सुनवाई
महिला उत्पीड़न रोकथाम एवं पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने हेतु आयोजित जनसुनवाई में कुल 13 प्रकरण सुने गए। इनमें 6 प्रकरण घरेलू हिंसा, 1 पुलिस विभाग, 3 राजस्व विभाग, 1 आबकारी विभाग तथा 1 रोजगार से संबंधित प्रकरण शामिल रहे। सभी प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के 31 लाभार्थियों को सम्मानपत्र वितरित किए गए, जिनमें निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना तथा स्पॉन्सरशिप योजना के लाभार्थी शामिल थे।
अस्पताल व जिला कारागार का निरीक्षण
समीक्षा बैठक से पूर्व उन्होंने जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने गोद भराई व अन्नप्राशन कार्यक्रम में प्रतिभाग भी किया।
जनसुनवाई के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष व सदस्या ने जिला कारागार का भी निरीक्षण किया।
इन अधिकारीगण की उपस्थिति रही
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रदीप कुमार द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी सदर प्रिया यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना, जिला सूचना अधिकारी दिलीप कुमार गुप्ता, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम, जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय हर्ष देव स्वामी सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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