मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दूल्हा-दुल्हन की लगेगी बायोमेट्रिक हाजिरी, आधार में नई फोटो अपडेट करना जरूरी


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। समाज कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत समस्त वर्गों के उन गरीब परिवारों की पुत्रियों के विवाह की व्यवस्था की जा रही है, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक है। इस योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों की बेटियों के विवाह को सामाजिक सम्मान और सरकारी सहयोग के साथ सम्पन्न कराना है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शासन ने योजना में कई संशोधन किए हैं ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्ति योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। अब सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल सभी जोड़ों की प्रवेश और निकास के समय बायोमेट्रिक और फेशियल उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। यह उपस्थिति लाभार्थियों के आधार डाटा के आधार पर दर्ज की जाएगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना ने बताया कि योजना में शामिल होने वाले सभी वधू-वर अपने आधार कार्ड को तुरंत अपडेट कराएं। जिनके आधार में बचपन की या पुरानी फोटो लगी है या जिनका बायोमेट्रिक अपडेट नहीं हुआ है, वे जल्द इसे ठीक कराएं ताकि कार्यक्रम स्थल पर फिंगरप्रिंट या फेस स्कैनिंग में कोई दिक्कत न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विवाह स्थल पर बायोमेट्रिक या चेहरे की पहचान मैच नहीं होती है, तो पंजीकरण के बावजूद जोड़े को योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
समाज कल्याण निदेशालय लखनऊ से प्राप्त निर्देशों के अनुसार इस नई व्यवस्था से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी। सरकार ने इस वर्ष योजना के तहत प्रति जोड़े पर मिलने वाली आर्थिक सहायता ₹51,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दी है।







