लाल किले धमाके में डॉक्टर उमर नबी की हुई पहचान, डीएनए रिपोर्ट से खुलासा – 13 लोगों की मौत, 16 से ज्यादा घायल


शहरी चौपाल ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम हुए भीषण कार धमाके की गुत्थी अब सुलझती नजर आ रही है। फॉरेंसिक जांच में यह पुष्टि हो गई है कि धमाका पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर नबी ने ही अंजाम दिया था। घटना स्थल पर कार में मिली चिथड़ों में तब्दील लाश के डीएनए का मिलान उमर की मां के डीएनए से हो गया, जिससे उसकी पहचान की पुष्टि हो गई है।
धमाके में खुद भी मारा गया था डॉक्टर उमर
10 नवंबर की शाम हुए इस हादसे में डॉ. उमर मोहम्मद नबी खुद भी मारा गया। जांच एजेंसियों को शक है कि वह कार बम बनाने की कोशिश कर रहा था, और साथियों की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद बौखलाहट में विस्फोट कर बैठा। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पुलवामा के संबूरा में उमर के परिवार से पूछताछ की थी। उसकी मां और भाई से लिए गए डीएनए सैंपल घटनास्थल से मिले अवशेषों से पूरी तरह मेल खा गए।
13 लोगों की मौत, 16 से ज्यादा घायल
धमाके में एक और घायल के दम तोड़ देने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। मृतक की पहचान बिलाल पुत्र गुलाम हसन के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 16 से अधिक घायल अभी भी दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से कई की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
विस्फोट स्थल से 40 से ज्यादा नमूने जुटाए
फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने विस्फोट स्थल से 40 से अधिक नमूने एकत्र किए हैं। इनमें दो कारतूस, अलग-अलग प्रकार के विस्फोटक और धात्विक अवशेष शामिल हैं। प्रयोगशाला में विशेषज्ञों की टीम लगातार नमूनों का रासायनिक विश्लेषण कर रही है, ताकि विस्फोटक की सटीक प्रकृति का पता चल सके।
मस्जिद के पास तीन घंटे तक खड़ी रही थी कार
सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि धमाके वाली हुंडई i20 कार मस्जिद के पास पार्किंग में तीन घंटे तक खड़ी रही। फुटेज में कार को दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में प्रवेश करते और 6:25 बजे निकलते हुए देखा गया। कुछ ही देर बाद 6:52 बजे सुभाष मार्ग पर कार में जबरदस्त धमाका हुआ, जिसकी चपेट में कई वाहन और राहगीर आ गए।
फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा मामला
लाल किला धमाके का लिंक फरीदाबाद में पकड़े गए कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल गनई से भी जुड़ रहा है। उसके किराये के मकान से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, हथियार और टाइमर बरामद किए गए थे। इसके कुछ घंटों बाद ही दिल्ली में यह धमाका हुआ। वहीं, यूपी एटीएस द्वारा लखनऊ से पकड़े गए डॉक्टर परवेज अंसारी के भी इस मॉड्यूल से तार जुड़ने की संभावना जताई जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भयावह खुलासे
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मौत का कारण गंभीर चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव रहा। अधिकतर शवों में सिर, सीने और ऊपरी शरीर पर गंभीर घाव पाए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ब्लास्ट वेव से कई लोगों के कान के पर्दे, फेफड़े और आंतें फट गईं।
शवों पर किसी भी छर्रे या विस्फोटक के निशान नहीं मिले, जिससे माना जा रहा है कि धमाके में संशोधित विस्फोटक पदार्थ (Modified Explosive Material) का इस्तेमाल हुआ। फॉरेंसिक जांच दल इसकी रासायनिक संरचना का विश्लेषण कर रहा है।
मुख्य बिंदु :
डीएनए रिपोर्ट से डॉक्टर उमर नबी की पहचान पक्की।
धमाके में 13 की मौत, 16 से ज्यादा घायल।
कार में विस्फोटक लादकर खुद उड़ गया उमर।
कार तीन घंटे मस्जिद के पास पार्किंग में खड़ी रही।
फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़ रही हैं कड़ियां।
ब्लास्ट वेव से लोगों के फेफड़े, कान और आंतें फटीं।
यह धमाका राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, वहीं जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।







