सहारनपुर से आतंकी डॉक्टर आदिल प्रकरण में नया खुलासा, डॉक्टर बाबर ने तोड़ी चुप्पी


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। आतंकी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए डॉक्टर आदिल प्रकरण में अब नया मोड़ सामने आया है। सहारनपुर के फेमस मेडिकेयर हॉस्पिटल से जुड़े डॉक्टर बाबर ने बुधवार को मीडिया के सामने आकर कहा कि वह फरार नहीं थे और उनके खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहें निराधार हैं। डॉ. बाबर ने बताया कि वे डॉ. आदिल से तभी मिले थे जब उन्होंने वी-ब्रॉस हॉस्पिटल छोड़कर मार्च में फेमस मेडिकेयर हॉस्पिटल ज्वाइन किया था। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के बीच सामान्य बातचीत होती थी, पर कभी आदिल के किसी गलत गतिविधि में शामिल होने का अंदेशा नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिल की शादी में 8-10 डॉक्टरों को आमंत्रित किया गया था, जिनमें से 3-4 डॉक्टर ही शामिल हुए थे। हम लोग केवल वलीमा में गए थे, वहां भी किसी तरह की संदिग्ध बात नहीं दिखी। डॉ. बाबर ने कहा कि आदिल के किराए के मकान से उनका कोई संबंध नहीं था, वह हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से दिलवाया गया था। वह केवल दो-तीन बार मरीजों के इलाज से संबंधित चर्चा के लिए वहां गए थे। सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसटीएफ और अन्य एजेंसियों ने आदिल की शादी में शामिल डॉक्टरों जिनमें डॉ. बाबर, डॉ. अहमद, डॉ. शादाब, डॉ. दानिश, डॉ. अंकुर चैधरी और डॉ. मनोज चैधरी शामिल हैं, से पूछताछ की थी। जांच के बाद सभी को छोड़ दिया गया। वी-ब्रॉस हॉस्पिटल स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर आदिल ने वहीं से करियर की शुरुआत की थी। वह लगभग चार महीने हॉस्पिटल में कार्यरत रहा और 3 लाख रूपए प्रति माह वेतन प्राप्त करता था। इसके बाद बेहतर वेतन (5 लाख मासिक) मिलने पर उसने फेमस मेडिकेयर हॉस्पिटल ज्वाइन किया था। हॉस्पिटल स्टाफ ने बताया कि आदिल का व्यवहार हमेशा अच्छा रहा, मरीज भी उससे खुश थे। किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह ऐसी गतिविधियों में शामिल होगा। सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर आदिल ने दिल्ली रोड पैरामाउंट रिहायसी कॉलोनी में किराए पर मकान लिया था, परंतु बाद में मानकमऊ क्षेत्र में रहने लगा ताकि किसी को शक न हो। माना जा रहा है कि वह सहारनपुर में एक नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश में था। फिलहाल जम्मू-कश्मीर पुलिस और एसटीएफ इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। डॉक्टर आदिल के पकड़े जाने के बाद रोज नए खुलासे सामने आ रहे हैं।







