बेनामी संपत्ति पर कब्जे का खेल उजागर, तत्कालीन मिर्जापुर थानाध्यक्ष नरेश कुमार सेवा से बर्खास्त
पूर्व एमएलसी हाजी इक़बाल की बेनामी संपत्ति पर कब्जे का मामला — IGRS जांच में हुआ खुलासा


शहरी चौपाल ब्यूरो
बेहट (सहारनपुर)। बसपा के पूर्व एमएलसी एवं खनन माफिया हाजी इक़बाल की बेनामी संपत्ति पर कब्जे का खेल खेलने वाले तत्कालीन मिर्जापुर थानाध्यक्ष नरेश कुमार को शासन ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। भ्रष्टाचार और सत्ता के साये में खेले गए इस जमीन के खेल का पर्दाफाश IGRS जांच में हुआ।
सूत्रों के अनुसार नरेश कुमार की तैनाती के दौरान उन्हें हाजी इक़बाल की एक बेनामी संपत्ति की जानकारी मिली, जो एक युवक के नाम दर्ज थी। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने युवक को थाने बुलाकर दो दिन तक रोके रखा और फर्जी मुकदमे की धमकी देकर करोड़ों रुपये मूल्य की करीब 50 बीघा जमीन मात्र 91 लाख रुपये में अपनी पत्नी के नाम रजिस्ट्री करा ली।
मामला सामने आने पर पीड़ित ने शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई। इसके बाद शासन ने IGRS के माध्यम से जांच कराई, जिसमें पूरे प्रकरण की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद शासन ने नरेश कुमार के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।
गौरतलब है कि यह सम्पत्ति हाजी इक़बाल की बेनामी संपत्तियों में से एक बताई जाती है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वहीं, हाजी इक़बाल की अन्य बेनामी संपत्तियों पर कब्जा जमाने वाले कुछ सरकारी अफसरों और कर्मचारियों में भी चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय स्तर पर इस खेल में कुछ सफेदपोशों के शामिल होने की चर्चाएं भी जोरों पर हैं। जांच एजेंसियां अब अन्य संबंधित मामलों की भी पड़ताल में जुट गई हैं।







