श्रद्धापूर्वक मनाया गया भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भैयादूज पर्व ,
बहनों ने भाइयों का तिलक कर की उनके दीर्घायु होने की कामना भाइयों ने भी बहनों को उपहारस्वरूप नगदी व कपड़े देकर रक्षा का वचन दिया

शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। भाई बहन के स्नेह और प्रेम का प्रतीक भैयादूज पर्व श्रद्धा और पूर्ण आस्था के साथ मनाया गया। इस दौरान बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की तो भाइयों ने भी बहनों को आशीर्वाद स्वरुप उपहार प्रदान कर उनकी रक्षा का संकल्प दोहराया। आज भाई बहन के प्रेम का प्रतीक भैया दूज पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। पर्व को लेकर आज सुबह से ही हर घर में खुशियों की लहर थी और हर परिवार में नई उमंग देखने को मिली। कुछ घरों में भाई रात में ही बहनों के घर पहुंच गए थे और कुछ बहनें आज भाइयों के घर आने की प्रतीक्षा कर रही थी। हर घर में मेहमानों का आना-जाना था और सुबह से ही बहनें भाई के माथे पर तिलक करने को आतुर दिखाई दी। सभी बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की।

घरों में तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए थे और दीपावली पर होने के साथ भैया दूज पर्व भी विशेष तैयारी की गई थी। बहनों के घर आने वाले भाइयों के आगमन की तैयारी में बहाने सुबह से ही तैयारी में जुटी हुई थी और जैसे ही भाई को अपने सामने देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना ना रहा। भैया दूज पर्व पर बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक किया और उनकी लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना की, जिस पर भाइयों ने भी बहनों को आशीर्वाद स्वरुप उपहार देखकर उनकी रक्षा का वचन दिया। इस दौरान उपहार को लेकर भी कुछ विशेष देखने को मिला मिठाइयों से परहेज कर अन्य उपहार जैसे गिफ्ट पैक चॉकलेट बिस्किट ड्राई फ्रूट गिफ्ट हैंपर सहित अन्य उपहार भाइयों ने बहनों को दिए

हर घर में आज खुशियों का माहौल बना था। भैयादूज पर्व को लेकर सुबह से लोगों को आना-जाना शुरू हो गया था।

बसों और ट्रेनों में भारी भीड़ देखी गई। ट्रेनों व बसों में चढ़ने को लेकर लोगों में आपाधापी मची रही। इसी दौरान यात्री एक-दूसरे से बहस करते भी नजर आए। भीड़ देखकर ऐसा लग रहा था कि रेलवे व प्रदेश सरकार द्वारा किए गए इंतजाम काफी कम हैं। भीड़ के मद्देनजर कुछ लोगों की तो ट्रेन भी छुट गई। यही हाल रोडवेज बसों का रहा। उत्तर प्रदेश सरकार भैयादूज पर्व को लेकर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की गई थी परंतु अतिरिक्त बसें चलने के बावजूद भी भीड़ काबू नहीं हो रही थी। इसके अलावा प्राइवेट साधनों टैम्पो, ई-रिक्शा आदि ने भी यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए मनमाना किराया वसूला और सड़कों पर नागरिक अपनी बहनों के घर जाने के लिए अपने निजी वाहनों कारों व मोटरसाइकिल पर भी देर सायं दौड़ते नजर आए।







