उत्तर प्रदेश

सीएम योगी का अखिलेश पर तंज: “गद्दी विरासत में मिल सकती है, बुद्धि नहीं” — दीपोत्सव पर बयान को बताया सनातन विरोधी

शहरी चौपाल ब्यूरो 

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा शाब्दिक प्रहार करते हुए कहा कि “गद्दी तो विरासत में मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं”। उन्होंने कहा कि दीपावली पर दीये जलाने के विरोध में दिया गया अखिलेश यादव का बयान यह सिद्ध करता है कि उन्हें अयोध्या में श्रीराम मंदिर, देवी-देवताओं और सनातन धर्म के पर्व-त्योहारों से नफरत है। मुख्यमंत्री रविवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘विचार परिवार कुटुंब स्नेह मिलन एवं दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव का यह बयान प्रजापति समाज (कुम्हारों) का भी अपमान है। मिट्टी के दीये बनाने वाले लाखों कुम्हारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि “जो लोग मिट्टी की महक नहीं समझते, वे ही दीपावली जैसे पर्व का विरोध करते हैं।”

योगी ने कहा कि “सपा और कांग्रेस ने हमेशा सनातन पर प्रहार किया है। कांग्रेस ने अदालत में शपथपत्र देकर कहा कि भगवान राम और कृष्ण मिथक हैं, जबकि सपा ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया अयोध्या आकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर रही है, तब सपा और कांग्रेस के लोग इसमें भी खोट निकाल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “2017 से पहले अयोध्या वीरान थी, लेकिन आज वहां का दीपोत्सव पूरी दुनिया में नई पहचान बना चुका है। इस बार 26 लाख से अधिक दीये जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया है।”

राजनीतिक इस्लाम पर भी बोले सीएम योगी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में अंग्रेजी शासन से मोर्चा लेने की चर्चा तो होती है, लेकिन राजनीतिक इस्लाम की नहीं होती। राजनीतिक इस्लाम ने हमारी आस्था पर कुठाराघात किया। वीर शिवाजी और महाराणा प्रताप जैसे योद्धाओं ने इस खतरे के खिलाफ संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ लोग धर्मांतरण और लव जिहाद के माध्यम से राजनीतिक इस्लाम को बढ़ावा देने में लगे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेशन उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई गई है, क्योंकि ऐसे उत्पादों से मिलने वाली कमाई धर्मांतरण और आतंकवाद को बढ़ावा देती है। उन्होंने जनता से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने की अपील की।

पंच परिवर्तन विकसित भारत की नींव

योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर तय किए गए पंच परिवर्तन — सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी से आत्मनिर्भरता और नागरिक कर्तव्यों — को विकसित भारत की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि समाज को आगे और सरकार को समाज के पीछे चलना होगा, तभी भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि संघ के गोरक्ष प्रांत प्रचारक रमेश जी ने कहा कि “सनातन, भारत और संघ एक ही हैं।” उन्होंने कहा कि विरोधों के सागर में भी संघ चट्टान की तरह खड़ा रहा है।

कार्यक्रम में प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, अनेक जनप्रतिनिधि, संघ पदाधिकारी और 28 संगठनों के स्वयंसेवक सपरिवार मौजूद रहे।

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