अयोध्या में दीपोत्सव का ऐतिहासिक नजारा — 29 लाख दीयों से जगमगाई रामनगरी, दो विश्व रिकॉर्ड दर्ज


शहरी चौपाल ब्यूरो
अयोध्या। प्रभु श्रीराम के आगमन पर रामनगरी अयोध्या दीपों की अनुपम रोशनी से नहा उठी। दीपोत्सव 2025 पूरी भव्यता और गरिमा के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस अवसर पर सरयू नदी के 56 घाटों पर 29 लाख 25 हजार 51 दीप जलाकर अयोध्या ने एक बार फिर इतिहास रच दिया और अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम के स्वप्निल दंगारीकर और निश्चल बरोट ने मंच से इस उपलब्धि की औपचारिक घोषणा की और प्रमाणपत्र मुख्यमंत्री योगी को प्रदान किया। यह लगातार नौवां वर्ष है जब दीपोत्सव पर अयोध्या ने विश्व रिकॉर्ड कायम किया है।
दीपोत्सव के दौरान रामकथा पार्क में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का राजतिलक किया, जिससे पूरा परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीपोत्सव “सत्य की विजय और सनातन संस्कृति की गौरवगाथा” का प्रतीक है।
सरयू आरती का भी विश्व रिकॉर्ड
दीपोत्सव के दौरान सरयू तट पर 2158 अर्चक एवं मातृ शक्तियों ने एक साथ महाआरती कर एक और विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। यह योगी सरकार के कार्यकाल में लगातार दूसरी बार है जब सरयू आरती का रिकॉर्ड टूटा है।
भव्य शोभायात्रा और आतिशबाजी ने मोहा मन
कार्यक्रम से पूर्व साकेत महाविद्यालय से श्रीराम राज्याभिषेक शोभायात्रा निकाली गई, जो रामपथ से होती हुई रामकथा पार्क पहुंची। पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से “प्रभु श्रीराम” के अयोध्या आगमन का दृश्य उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा। दीपोत्सव के समापन पर रंग-बिरंगी आतिशबाजी और आकर्षक ड्रोन शो ने अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया।
10 हजार जवानों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
दीपोत्सव को सकुशल संपन्न कराने के लिए अयोध्या को 18 जोन और 42 सेक्टर में बांटा गया था। लगभग 10 हजार जवानों ने सुरक्षा की कमान संभाली। पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों ने हर चौराहे पर मुस्तैदी से ड्यूटी निभाई।
सीएम योगी बोले — अयोध्या बनी वैश्विक सांस्कृतिक राजधानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला को भव्य मंदिर में विराजमान कर भारत की सनातनी आस्था को सम्मान दिया है। आज अयोध्या न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि “रामराज्य” की अवधारणा पर आधारित यूपी का शासन मॉडल बिना भेदभाव सबको सुरक्षा, सम्मान और अवसर देने का उदाहरण है। योगी ने कहा, “अब प्रदेश में माफिया राज नहीं, बल्कि ‘रामराज’ का शासन है।”
श्रद्धालुओं का जनसैलाब
दीपोत्सव के इस ऐतिहासिक दृश्य को देखने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचे। पूरा सरयू तट दीपों की स्वर्णिम आभा में नहाया रहा और “जय श्रीराम” के जयकारों से अयोध्या गूंज उठी।







