जनपद में 14 दिसम्बर 2025 तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 लागू


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिला मजिस्ट्रेट मनीष बंसल ने कहा कि निकट भविष्य में सम्पन्न होने वाले त्यौहार दीपावली, गौवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा, गुरू नानक जयंती, सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं आचार्य नरेन्द्र देव जयंती आदि व अन्य विभिन्न आयोजनों के अवसर पर तथा विभिन्न विभागों द्वारा समय-समय पर आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं एवं चयन व प्रवेश परीक्षाओं के दृष्टिगत औद्योगिक संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों व शिक्षण संस्थानों और रेलवे स्टेशन आदि पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अप्रिय घटनायें घटित की जाने की साजिश की जा सकती है तथा कुछ तत्व/लोग जानबूझकर ऐसे कृत्य कर सकते हैं जिससे लोक परिशांति भंग होने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इन सबको दृष्टिगत रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए लोक व्यवस्था कायम रखने हेतु तथा प्रजा तांत्रिक मूल्यों के रक्षण हेतु जनपद में निषेधात्मक आज्ञा लागू की है। जिला मैजिस्ट्रेट श्री बंसल ने इस आश्य के आदेश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी सार्वजनिक स्थल पर 04 या 04 से अधिक व्यक्ति बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के धरना जुलूस प्रदर्शन आदि के लिए एकत्रित नही होंगे और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेंगे। वर्तमान में आयोजित परीक्षाओं के दृष्टिगत कार्यक्रमों में संयोजक डीजे का प्रयोग नियत समय सीमा के पश्चात किसी भी दशा में नहीं करेंगे तथा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण के संबंध में प्रसारित गाईड लाईन के अनुरूप ही डीजे का प्रयोग करेंगे। कोई भी जाति विशेष का व्यक्ति एवं व्यक्तियों का समूह अपने नगर, गांव, मौहल्ले व अन्य स्थानों पर जाकर कोई भी ऐसा कार्य नही करेगा जिससे जातीय हिंसा व अन्य विवाद उत्पन्न होने की सम्भावना हो। जनपद में किसी भी गांव अथवा मौहल्ले मे ऐसे व्यक्ति को प्रवेश नही दिया जायेगा, जिसके जाने से उस क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की सम्भावना हो। ऐसे तत्वों जिनके भ्रमण आदि कार्यक्रमों से साम्प्रदायिक सदभाव, समरसता एवं लोक परिशांति पर कुप्रभाव पडता हो, को प्रतिबंधित किया जाता है। विभिन्न कार्यक्रमों के संयोजकध्आयोजक डीजे का प्रयोग नियत समय सीमा के पश्चात किसी भी दशा में नहीं करेंगे तथा मा0 उच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण के संबंध में प्रसारित गाईड लाईन के अनुरूप ही डीजे का प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति सक्षम प्राधिकारी एवं संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट/नगर मजिस्ट्रेट, अपर जिला मजिस्ट्रेट, जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना जुलूस, सभा, सम्मेलन, धरना प्रदर्शन तथा रैली आदि आयोजित नही करेगा। कोई भी व्यक्ति एवं व्यक्तियों का समूह जनपद में शांति व्यवस्था भंग करने संबंधी कोई कार्य नहीं करेगा तथा न किसी ऐसे व्यक्ति एवं व्यक्तियों का सहयोग करेगा जो शांति व्यवस्था कुप्रभावित करने का कृत्य कर रहे है अथवा ऐसे कार्य करने में संलिप्त है। जारी आदेश में कहा गया है कि ऐसे तत्वों जिनके भ्रमण आदि कार्यक्रमों से साम्प्रदायिक सदभाव, समरसता एवं लोक परिशांति पर कुप्रभाव पडता हो, को प्रतिबंधित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का अस्त्र, शस्त्र, विस्फोटक पदार्थ या ऐसी वस्तु जिनका प्रयोग आक्रमण किये जाने में किया जा सकता है यथा चाकू, भाला, बरछी, तलवार, छूरा आदि लेकर नहीं चलेगा और न ही इनको किसी स्थान पर एकत्रित करेगा और न ही इनका सार्वजनिक प्रदर्शन करेगा। इस प्रतिबन्ध से पुलिस कर्मी एवं अपने दायित्वों के निवर्हन की प्रक्रिया में शस्त्र धारण करने वाले अधिकृत अधिकारी एवं कर्मचारी मुक्त होंगे। इसके अतिरिक्त लाठी, डण्डा लेकर भ्रमण करने वाले वृद्ध एवं विकलांग व्यक्ति भी मुक्त होंगे। यह धार्मिक रीति रिवाजों को भी प्रभावित नही करेगा। कोई व्यक्ति अथवा व्यक्तियों का समूह किसी भी सार्वजनिक स्थल व अपने घर की छत पर किसी प्रकार की ईंटें, पत्थर, किसी भी प्रकार की मिट्टी, कांच की बोतलें, सोडा वाटर की बोतलें एवं कोई भी ऐसा ज्वलनशील पदार्थ एकत्रित नही करेगा, जिससे मानव जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड सकता हो और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि वर्णित आदेश में शर्तों का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 का यह आदेश जनपद में 14 दिसम्बर 2025 तक प्रभावी रहेगा।







