भगवान धनवंतरी देवालय, धन तेरस पर सबके लिए खुले दर्शन द्वार


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। धनवंतरी जयंती के दिन नई खरीदारी सुख समृद्धि बढ़ाने वाली मानी जाती है। देवासुर संग्राम में हुए समुद्र मंथन में प्रकट हुए 14 रत्नों में सबसे पहले हाथों में अमृतकलश लिए आयुर्वेद यानि चिकित्सा विज्ञान के प्रणेता विष्णु अवतार भगवान धनवंतरी प्रकट हुए। तभी से रोग कष्ट निवारण के लिए धनवंतरी जयंती यानि धन तेरस के दिन भगवान धनवंतरी की उपासना की जाती है क्योंकि पहला सुख और दौलत निरोगी काया ही माना गया है। इसके लिये धन तेरस को भगवान धनवंतरी के सम्मुख पांच दीपक जलाने की महिमा है जिनमें एक आटे का बना कच्चा दिया होता है। ज्ञातव्य है कि सहारनपुर का एकमात्र धनवंतरी देवालय बेरीबाग स्थित मोक्षायतन अंतर्राष्ट्रीय योगाश्रम में है गुरु स्वामी भारत भूषण की इस परिकल्पना का लोकार्पण तीन वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र और महापौर डॉ अजयकुमार सिंह ने किया था। मोक्षायतन योग संस्थान की निदेशक पूर्व राजनयिक आचार्य प्रतिष्ठा ने बताया कि गुरुदेव पद्मश्री स्वामी भारत भूषण जी के मार्गदर्शन में अक्षर ज्ञान से अक्षर ज्ञान की राह चलने वाले छात्रों व साधकों की शिक्षा और साधना का आधार निरोग स्वस्थ शरीर है। इसीलिए यहां साधकों के आराध्य योगिराज शिव, बजरंगबली, योगेश्वर कृष्ण, मां सरस्वती और भगवान धनवंतरी हैं। इस वर्ष धन तेरस का विशेष यज्ञपूर्वक पूजन अर्चन 19 अक्टूबर को प्रातः सात बजे से रखा गया है। आचार्य प्रतिष्ठा ने बताया कि आरोग्य सभी का अधिकार है, इसलिए धन तेरस पर 18 व 19 अक्टूबर दोनो दिन भगवान धनवंतरी देवालय के दर्शन द्वार सबके लिए खुले रखे गए हैं जिससे हर कोई भगवान धनवंतरी का दर्शन पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त कर सके।







