सहारनपुर में व्यापारी विवाद ने पकड़ा तूल — आरोप–प्रत्यारोप से गूंजा व्यापार जगत
कंछल ने कहा ब्लैकमेलर पर चलेगा बुलडोजर, आलोक अग्रवाल बोले मेरा झगड़ा पैसे का, ब्लैकमेलिंग का नहीं


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बनवारीलाल कंछल और सहारनपुर निवासी आलोक अग्रवाल के बीच विवाद ने शहर के व्यापारिक माहौल में हलचल मचा दी है। दोनों ओर से एक-दूसरे पर आरोप–प्रत्यारोप का दौर जारी है जिससे व्यापार मंडल की छवि पर भी सवाल उठने लगे हैं
प्रांतीय अध्यक्ष बनवारीलाल कंछल ने सहारनपुर में बयान जारी कर कहा कि जो लोग व्यापारियों को ब्लैकमेल कर रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी ऐसे लोगों की अब प्रदेश में खैर नहीं जेल भी जाएंगे और बुलडोजर भी चलेगा उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है
कंछल ने आरोप लगाया कि आलोक अग्रवाल नामक व्यक्ति जो खुद को पत्रकार बताता है उसने प्रांतीय वरिष्ठ महामंत्री नवीन मक्कड़ से दो लाख रुपये की मांग की और इंकार करने पर जान से मारने की धमकी दी इस मामले में मक्कड़ की तहरीर पर थाना सदर बाजार में एफआईआर दर्ज की गई है हालांकि इस बीच सवाल यह भी उठ रहा है कि आलोक अग्रवाल को व्यापार मंडल में मंडल महामंत्री की जिम्मेदारी खुद कंछल ने ही सौंपी थी अब वही उन्हें पहचानने से इनकार कर रहे हैं
दूसरी ओर आलोक अग्रवाल ने शहर के एक होटल में पत्रकारों और व्यापारियों के बीच प्रेसवार्ता कर पलटवार किया उनका कहना है कि मामला ब्लैकमेलिंग का नहीं बल्कि पैसे के लेनदेन का है उन्होंने बताया कि पैरामाउंट कॉलोनी स्थित एक मकान के एवज में उन्होंने नवीन मक्कड़ को 25 लाख रुपये दिए थे लेकिन न तो रजिस्ट्री की गई और न ही पैसा लौटाया गया
आलोक अग्रवाल ने बैठक में चेक डिशऑनर और भुगतान से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत किए उनका कहना है कि मक्कड़ ने पैसे लौटाने से बचने के लिए उन पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया है
बैठक के दौरान वरिष्ठ पत्रकार राजेश जैन और आलोक तनेजा की अध्यक्षता में 8 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई जो मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर से मुलाकात कर दोनों पक्षों का पक्ष रखेगी उसके बाद समिति नवीन मक्कड़ से भी बातचीत करेगी
प्रांतीय अध्यक्ष कंछल के सहारनपुर दौरे के दौरान किसी स्थानीय व्यापारी की अनुपस्थिति ने भी कई सवाल खड़े कर दिए केवल व्यापारी जसवंत बत्रा ही उनके साथ नजर आए जो पहले आलोक अग्रवाल के करीबी माने जाते थे लेकिन इस बार उन्होंने अग्रवाल से दूरी बना ली
अब देखना यह है कि जांच समिति की रिपोर्ट में सच्चाई किस पक्ष से सामने आती है फिलहाल सहारनपुर का व्यापारी समाज इस विवाद को लेकर दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है







