चतुर्दशी पर्व पर पर शाकंभरी देवी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं भारी भीड़, शिवालिक घाटी हुई माता के जयकारों से गुंजायमान
खराब मौसम पर आस्था पड़ी भारी,लाइनों में चलकर लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में लगाई हाजिरी


शहरी चौपाल ब्यूरो
बेहट , शाकंभरी देवी मंदिर पर पहुंची श्रद्धालुओं की भीड़ ने अभी तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है। मेले के अंतिम दिन सिद्धपीठ पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने घंटों लाइनों में चलकर मां भगवती के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया और मन्नते मांगी।अचानक बदलते मौसम का मिजाज भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सका। श्रद्धालु बारिश की ब्यौछार में भी अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। खोल में बाढ़ के पानी आने की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया।
शिवालिक पहाड़ियों के मध्य स्थित सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था एवं विश्वास का प्रतीक है। मंदिर परिक्षेत्र में प्रथम नवरात्र से विशाल मेले का आयोजन चल रहा है। सोमवार को चतुर्दशी तिथि को मेले का अंतिम दिन होने के कारण सिद्धपीठ में रविवार की रात से ही श्रद्धालुओं की अपार भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई थी जो सोमवार दिनभर जारी रही। हालांकि चतुर्दशी तिथि के मध्य नजर मुख्य मंदिर के कपाट रात भर खुले रहे जिससे कुछ श्रद्धालु देर रात में ही दर्शन कर वापस लौट गए। यदि मंदिर प्रशासन रात्रि में मंदिर के कपाट बंद रखते तो उमड़ी अपार भीड़ से मेले की व्यवस्था ध्वस्त हो सकती थी। आश्विन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को सिद्धपीठ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ बाबा भूरादेव मंदिर में शीश नवाकर मुख्य मंदिर की ओर बढ़ रही थी। अपार भीड़ से पुलिस को व्यवस्था दुरुस्त बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सोमवार की दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल जाने से मैदानी क्षेत्र सहित शिवालिक पहाड़ियों पर हल्की बारिश शुरू हो गई। खोल में बाढ़ के पानी आने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मेले परिक्षेत्र में सूचना का प्रसारण कराते हुए श्रद्धालुओं को खोल से बाहर जाने की अपील की,लेकिन श्रद्धालु जान की परवाह किए बिना मंदिर की ओर बढ़ते रहे । मंगलवार (आज) पूर्णिमा तिथि को जिला पंचायत द्वारा शारदीय नवरात्र मेले का विधिवत् समापन किया जाएगा।







