लेह हिंसा और कर्फ्यू से लद्दाख का पर्यटन उद्योग ठप, होटल बुकिंग रद्द, पर्यटक फंसे

लेह। 24 सितंबर को हुई हिंसा और कर्फ्यू ने लद्दाख के पर्यटन उद्योग को गहरा झटका दिया है। पहले से ही संकटों से जूझ रहे इस क्षेत्र में हालात और बिगड़ गए हैं। होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार से जुड़े लोगों का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पर्यटकों का आना कम हो गया था, अब लेह की झड़पों और कर्फ्यू ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
हिंसा के बाद लेह शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू है और मोबाइल इंटरनेट बंद है। शनिवार को सिर्फ चार घंटे की छूट दी गई, बाकी समय सुरक्षाबल तैनात रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
होटल और पर्यटन कारोबार पर असर
लेह के होटल मैनेजर नसीब सिंह ने बताया कि रोजाना एडवांस बुकिंग कैंसिल हो रही है। जरूरी सामान की कमी भी महसूस होने लगी है। उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में ऐसा हाल पहली बार देखा है। वहीं ट्रांसपोर्ट कारोबारी रिगजिन डोरजे ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद थोड़ी बहाली हुई थी, लेकिन लेह की हिंसा ने फिर से सबकुछ बिगाड़ दिया है।
पर्यटक होटल में कैद
लेह में फंसी ताइवान की पर्यटक ने बताया कि शहर पूरी तरह बंद है, न खाना मिल रहा है, न पैसे बदलने की सुविधा है। परमिट न मिलने से वे पैंगोंग झील तक नहीं जा सके। दिल्ली से आई पर्यटक और अन्य पर्यटक भी होटल के कमरों में फंसे हैं। उन्होंने कहा कि मठ और पहाड़ियां देखने का सपना अधूरा रह गया।
पुलिस ने दी सफाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कर्फ्यू इसलिए लगाया गया ताकि हिंसा फिर से न भड़के। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हालात जल्द सामान्य होंगे। वहीं स्थानीय लोग और पर्यटक शांति और सामान्य स्थिति की वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।




