एशिया कप फाइनल ट्रॉफी विवाद: नकवी ट्रॉफी लेकर होटल भागे, सूर्यकुमार यादव ने बताई पूरी सच्चाई


नई दिल्ली। एशिया कप 2025 फाइनल में पाकिस्तान को पांच विकेट से हराने के बाद जब भारतीय टीम ट्रॉफी का इंतजार कर रही थी, तब पुरस्कार समारोह में बड़ा विवाद हो गया। एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी ने खिलाड़ियों को ट्रॉफी देने पर अड़ गए, जबकि भारतीय टीम ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेंगे। स्थिति बिगड़ती देख आयोजकों ने कार्यक्रम बीच में ही रोक दिया और नकवी खुद ट्रॉफी लेकर होटल लौट गए।
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि यह फैसला पूरी तरह से टीम का था। उन्होंने कहा, “हमने किसी को इंतजार नहीं करवाया और न ही ड्रेसिंग रूम में छिपे रहे। हम मैदान पर ही खड़े थे। लेकिन अचानक देखा कि वे ट्रॉफी लेकर भाग गए। बीसीसीआई या सरकार ने हमें कोई निर्देश नहीं दिया था, यह मैदान पर लिया गया टीम का निर्णय था।”
करीब एक घंटे तक तनावपूर्ण माहौल रहा। एसीसी अधिकारियों ने कोशिश की कि ट्रॉफी एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी दें, लेकिन नकवी तैयार नहीं हुए। नतीजा यह रहा कि टीम इंडिया बिना ट्रॉफी के ही जश्न मनाने पर मजबूर हो गई। व्यक्तिगत पुरस्कार जरूर खिलाड़ियों को दिए गए।
दर्शकों में नाराजगी, गूंजे नारे
स्टेडियम में बैठे भारतीय दर्शकों ने नकवी के रवैये पर नाराजगी जताई। ट्रॉफी विवाद के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगे। पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा को भी स्टेज पर हूटिंग का सामना करना पड़ा। इस बीच नकवी ट्रॉफी लेकर तेजी से मैदान से बाहर निकल गए।
एशिया कप जीत के बाद भारत ने भले ही ऐतिहासिक जश्न मनाया हो, लेकिन फाइनल का यह ट्रॉफी विवाद लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।







