यूकेएसएसएससी पेपर लीक प्रकरण : सीएम धामी ने की सीबीआई जांच की संस्तुति, छात्रों पर दर्ज मुकदमे होंगे वापस

शहरी चौपाल ब्यूरो
देहरादून। यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का पेपर लीक प्रकरण गरमाने के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद परेड ग्राउंड में धरना दे रहे युवाओं के बीच पहुंचे। उन्होंने घोषणा की कि परीक्षा की सीबीआई जांच कराई जाएगी और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। इसके साथ ही आठ दिन से जारी धरना स्थगित कर दिया गया।
21 सितंबर को आयोजित परीक्षा के दौरान हरिद्वार के एक केंद्र से प्रश्न पत्र के तीन पन्ने बाहर आने और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद युवाओं ने पेपर लीक का आरोप लगाते हुए धरना शुरू किया था। तभी से सीबीआई जांच की मांग उठ रही थी। सरकार ने मामले में एसआईटी गठित कर दी थी, जो हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच कर रही है। बावजूद इसके युवा अपनी मांग पर अड़े रहे।
सोमवार को सीएम धामी अचानक धरनास्थल पहुंचे और युवाओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सरकार की पहली प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने युवाओं की भावनाओं को समझते हुए कहा कि वे खुद उनके दर्द को महसूस कर रहे थे, इसलिए बिना पूर्व सूचना सीधे धरनास्थल पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सीबीआई जांच में कोई बाधा नहीं होगी और एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद परीक्षा रद्द करने पर भी निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आंदोलन के दौरान जिन युवाओं पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद युवा नेताओं ने धरना स्थगित करने की घोषणा की। संघ अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है, लेकिन युवाओं की निगाहें सरकार की आगे की कार्रवाई पर बनी रहेंगी। इस परीक्षा में 416 पदों के लिए 1,05,803 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था।







