विकसित उत्तर प्रदेश के लिए निकायों को नए मॉडल तैयार करने का निर्देश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। “विकसित उत्तर प्रदेश 2047 – समृद्धि का शताब्दी वर्ष” अभियान के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रदेश के निगमों के महापौरों, पालिकाओं के चेयरमैन, पंचायत अध्यक्षों और पार्षदों के साथ वर्चुअल संवाद किया। इस श्रृंखला में मुख्यमंत्री ने सहारनपुर जनपद की रामपुर मनिहारान पंचायत अध्यक्ष रेणु बालियान से भी विस्तार से वार्ता की।
वर्चुअल संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने निकायों की खाली पड़ी भूमि का सही उपयोग कर आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने चेयरमैन रेणु से पूछा कि रामपुर मनिहारान निकाय के पास कितनी भूमि खाली है और उसका उपयोग कैसे किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि खाली जमीन पर दुकाने, मार्किट, मॉल, पार्किंग और अस्पताल जैसे प्रोजेक्ट बनाकर निकाय की आय बढ़ाई जा सकती है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी निगमों और पंचायतों के अधिकारियों से उनकी आय बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी भी ली और पूछा कि उन्होंने ऐसा कौन सा काम किया है जो “विकसित उत्तर प्रदेश 2047” अभियान में उल्लेखनीय हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चुनाव के बाद विकास कार्यों में सभी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए और निकाय अपनी आय और राज्य से मिलने वाली धनराशि का कुशल उपयोग कर विकास में सहयोग करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास सुनिश्चित होगा तो 2047 में विकसित भारत का प्रधानमंत्री का सपना पूरा होगा। उन्होंने प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में हुई प्रगति की सराहना करते हुए बताया कि बिजली, सुरक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के पास 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हैं और राज्य के छह शहर मेट्रो नेटवर्क से जुड़े हैं, साथ ही गांव-गांव में बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निकायों से शहर-शहर और वार्ड-वार्ड में नए विकास मॉडल तैयार करने, अपनी उपलब्धियों को साझा करने और विकसित उत्तर प्रदेश 2047 की दिशा में सुझाव देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यही प्रयास वर्तमान और भविष्य दोनों को सुधारने में सहायक होंगे।

इस वर्चुअल संवाद में नगरायुक्त शिपू गिरि, अपर नगरायुक्त मृत्युंजय, जीएम जलकल पुरुषोत्तम कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और रामपुर मनिहारान नगर निगम के महापौर, उपसभापति और पार्षद भी मौजूद रहे।







