सहारनपुर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष (2025-26): नवसंवाद और राष्ट्र निर्माण की ओर एक सदी का स्वाभिमान, सेवा और संस्कार

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। विजयादशमी 2025 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यह शताब्दी वर्ष केवल संगठन का उत्सव नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के लिए नवचेतना, आत्ममंथन एवं दृढ़ संकल्प का ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है। शताब्दी वर्ष के अवसर पर सहारनपुर महानगर के 12 नगरों की 15 बस्तियों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्सव की शुरुआत प्रातःकालीन बौद्धिक सत्रों से हुई, जिसमें प्रतिष्ठित विचारकों ने राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और संगठन की भूमिका पर सारगर्भित विचार रखे। इसके बाद नगरों में अनुशासित पथ संचलन का आयोजन किया गया। संचलन में बाल, तरुण और प्रौढ़ सभी वर्गों के स्वयंसेवकों ने अनुशासन और गरिमा के साथ भाग लिया। संचलन मार्ग पर नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया, जिससे वातावरण उल्लास और गौरव से भर गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें संगठन की सेवा गतिविधियों, सांस्कृतिक धरोहरों और प्रेरणादायक प्रसंगों को चित्रों, मॉडल्स और डिजिटल माध्यमों से प्रस्तुत किया गया। बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों और परिवारों ने इसमें सहभागिता की और संगठन के कार्यों को नजदीक से समझा। संघ का शताब्दी वर्ष पंच परिवर्तन अभियान के केंद्रीय भाव पर आधारित है, जिसमें स्वावलंबन, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण जैसे आयाम शामिल हैं। इसके अंतर्गत वर्ष भर विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें गृह संपर्क अभियान, हिंदू सम्मेलन, सद्भाव बैठकें, युवा सम्मेलन और अधिकतम शाखा अभियान प्रमुख हैं। संपूर्ण उत्सव ने समाज में संगठन के प्रति विश्वास, उत्साह और सहभागिता की भावना को और प्रगाढ़ किया। विजयादशमी उत्सव 2025 का यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी पुष्ट करने वाला सिद्ध हुआ।

WebAdmin

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!