शारदीय नवरात्रि 22 सितम्बर से शुरू, मां शैलपुत्री की पूजा से होगा शुभारंभ
सुबह 06:09 से 08:06 बजे तक घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, घी का भोग लगाने से मिलता है आरोग्य का आशीर्वाद


लखनऊ, । शक्ति और साधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 22 सितम्बर, सोमवार से आरंभ हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व की शुरुआत प्रतिपदा तिथि पर पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना से होगी। मान्यता है कि नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना करने से जीवन में स्थिरता, शक्ति और दृढ़ता आती है तथा चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार 22 सितम्बर को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:09 बजे से 08:06 बजे तक रहेगा। इस समय कलश स्थापना करने से पूजा सफल और निर्विघ्न होती है तथा घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
पूजा विधि और भोग
नवरात्रि के पहले दिन स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद कलश स्थापना की जाती है। मां शैलपुत्री को रोली, अक्षत, सफेद चंदन और सफेद या लाल पुष्प विशेषकर गुड़हल अर्पित किए जाते हैं। साधक “ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप कर दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं।
शास्त्रों के अनुसार मां शैलपुत्री को गाय का शुद्ध घी या उससे बने मिष्ठान्न का भोग चढ़ाना शुभ माना जाता है। इससे साधक को निरोगी जीवन और आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है।
महत्व
मां शैलपुत्री को सौभाग्य और स्थिरता की देवी माना जाता है। उनकी पूजा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और संकल्प शक्ति मजबूत होती है। चंद्रमा का प्रतिनिधित्व करने वाली मां शैलपुत्री की आराधना से मानसिक शांति प्राप्त होती है।







