प्रदेश सरकार की बड़ी राहत : रोजमर्रा की जरूरतों पर शून्य जीएसटी
अनाज, फल-सब्जियां, दूध, किताबें और प्रसाद टैक्स मुक्त, गरीब और मध्यम वर्ग को मिलेगा सीधा लाभ


शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ, । प्रदेश सरकार ने नई अधिसूचना जारी करते हुए शून्य जीएसटी वाली वस्तुओं की सूची स्पष्ट कर दी है। यह निर्णय आम जनता के लिए राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि सूची में शामिल वस्तुएं रोजमर्रा की जरूरतों और बुनियादी उपभोग से जुड़ी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से जहां गरीब और मध्यम वर्ग को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा, वहीं छोटे कारोबारियों के लिए कर प्रणाली और भी सरल हो जाएगी। सरकार का संदेश साफ है कि बुनियादी उपभोक्ता वस्तुओं पर कर का बोझ जनता पर नहीं डाला जाएगा।
शून्य जीएसटी वाली प्रमुख वस्तुएं
गेहूं, चावल, दालें (बिना पैकिंग व बिना ब्रांड)
ताजे फल व सब्जियां (कच्चे और प्राकृतिक रूप से बिकने वाले उत्पाद)
दूध (बिना पैकेट व बिना प्रोसेस्ड)
अंडे और मीट (बिना प्रोसेसिंग)
शैक्षिक किताबें और नोटबुक
खाद्य नमक
हैंडमेड उत्पाद (टोकरी, रस्सी, कुटीर उद्योग उत्पाद)
मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारे और दरगाहों का प्रसाद
गरीब और शिक्षा क्षेत्र को सीधा लाभ
इस फैसले से गरीब और निम्न-मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन वस्तुओं पर टैक्स लगाया जाता तो महंगाई पर सीधा असर पड़ता। किताबों और नोटबुक पर शून्य जीएसटी से छात्रों और अभिभावकों को लाभ मिलेगा। वहीं, किसानों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि टैक्स न होने से उनके उत्पाद सीधे और सस्ते दाम पर ग्राहकों तक पहुंचेंगे।







